
आप में मची सियासी हलचल (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: आम आदमी पार्टी (आप) में बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। पार्टी के सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ दिया है और वे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने वाले हैं। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है। वहीं आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए बीजेपी पर तीखे हमले किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, सातों सांसदों की बीजेपी नेता नीतिन नवीन से शाम पांच बजे मुलाकात होने की बात कही जा रही है। इस बैठक में आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की मौजूदगी का भी दावा किया गया है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
इस घटनाक्रम पर आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- "ऑपरेशन लोटस का ये घटिया खेल है।"
उन्होंने आगे कहा- "बीजेपी की गोदी में जाकर बैठ गए हैं। बीजेपी रोकने तोड़ने का काम कर रही है।" संजय सिंह ने यह भी कहा- "बीजेपी को पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी। बीजेपी ने आप के सात सांसद तोड़े हैं और पंजाब की जनता के साथ गंदा खेल खेला जा रहा है।"
उनके बयान में स्पष्ट तौर पर बीजेपी पर राजनीतिक तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए।
आप में कथित टूट की खबरों के बीच पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल का भी पहला बड़ा बयान सामने आया। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा- "बीजेपी ने पंजाबियों के साथ धक्का किया है।"
केजरीवाल का यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तेजी से वायरल हो रहा है और इसे बीजेपी के खिलाफ कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा- "बीजेपी का पंजाब में कोई आधार नहीं है। बीजेपी को पंजाबियों की परवाह नहीं है।" उन्होंने आगे कहा- "व्यक्ति नहीं, पार्टी बड़ी होती है।"
मान ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यह भी कहा- "बीजेपी पंजाब नहीं जीत सकती है। बीजेपी की वाशिंग मशीन चल रही है। बीजेपी ने पंजाबियों के साथ गद्दारी की है।"
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जहां एक ओर बीजेपी पर विपक्षी दल गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस कथित टूट को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
Location : New Delhi
Published : 24 April 2026, 5:07 PM IST