बड़ी ख़बर: दिल्ली के पूर्व मंत्री और AAP नेता सत्येंद्र जैन भ्र्ष्टाचार केस में गिरफ्तार; फिर जाएंगे जेल?

दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर में कथित घोटाले के मामले में एंटी करप्शन ब्रांच ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। ACB के मुताबिक, मामले में पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 18 August 2026, 9:16 PM IST

New Delhi: दिल्ली में भ्रष्टाचार के एक कथित मामले ने एक बार फिर सियासी पारा चढ़ा दिया है। दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP के अपग्रेडेशन टेंडर में कथित घोटाले को लेकर एंटी करप्शन ब्रांच यानी ACB ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार 18 अगस्त 2026 को हुई इस कार्रवाई में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय समेत टेंडर से जुड़े कई लोगों को भी हिरासत में लिया गया।

STP टेंडर में कथित खेल का आरोप

मामले की शुरुआत सतर्कता निदेशालय की शिकायत से हुई थी। आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के STP के अपग्रेडेशन के लिए जारी किए गए टेंडर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। शिकायत में टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर, आपराधिक साजिश और एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश का आरोप लगाया गया। जांच में सामने आया कि टेंडर की तकनीकी शर्तों को कथित तौर पर इस तरह तैयार किया गया, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाए और M/s Eurotech Environment Private Limited को फायदा मिल सके। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में ऐसी शर्तें शामिल की गईं, जिनका सीधा फायदा एक खास कंपनी को मिलना था।

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प्रतिस्पर्धा खत्म करने की कोशिश का आरोप

ACB की जांच के मुताबिक, टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें रखे जाने से दूसरी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो गया। आरोप है कि पूरी प्रक्रिया का मकसद ही एक खास कंपनी को लाभ पहुंचाना था। अगर जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो मामला सिर्फ टेंडर में तकनीकी गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सरकारी प्रक्रिया को प्रभावित कर निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने की कथित साजिश का मामला बन सकता है।

1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का आरोप

इस मामले का सबसे अहम पहलू कथित रिश्वत और पैसों के लेन-देन से जुड़ा है। ACB की वित्तीय जांच में कथित तौर पर सामने आया कि कमीशन और रिश्वत की रकम को M/s Srijanhar और M/s AN Enterprises के जरिए घुमाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, Eurotech से जुड़ी कंपनियों से नागेंद्र यादव की फर्म में बड़ी रकम पहुंची। इसके बाद आरोप है कि इसी माध्यम से दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत भेजी गई।

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मनी ट्रेल की जांच में जुटी ACB

मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी का फोकस अब पूरे मनी ट्रेल पर है। यानी कथित रिश्वत की रकम किस कंपनी से निकली, किसके खाते में पहुंची और वहां से किन लोगों तक गई, इसकी पूरी कड़ी खंगाली जा रही है। जांच एजेंसी कथित अपराध से जुड़ी संपत्तियों की भी जांच कर रही है। अगर किसी संपत्ति को कथित रिश्वत की रकम से खरीदा गया पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपी गिरफ्तार

18 अगस्त 2026 को पूछताछ के बाद ACB ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें AAP नेता और पूर्व दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, M/s AN Enterprises के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, M/s Eurotech Environment Private Limited के ओनर राजा कुमार कुर्रा और M/s Srijanhar के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं।

Location :  New Delhi

Published :  18 August 2026, 9:16 PM IST