
बॉम्बे हाई कोर्ट (Img- Pinterest)
Mumbai: पुणे की एक प्रसिद्ध मिठाई दुकान के लाइसेंस निलंबन (सस्पेंशन) मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) पर 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
इस कड़े अदालती आदेश पर FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हाई कोर्ट का यह फैसला उनके लिए बेहद चौंकाने वाला है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि विभाग अपने एक्शन पर पूरी तरह कायम है और कोर्ट की लिखित कॉपी मिलते ही ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।
मामले की शुरुआत 12 जून को हुई, जब FDA टीम ने पुणे की उक्त दुकान का निरीक्षण कर अस्वच्छता के आधार पर उसका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद 13 जुलाई को दुकान की दोबारा जांच की गई, जिसमें 98% नियमों (36 में से 35 पैरामीटर) का सही पालन पाया गया।
इसके बावजूद सस्पेंशन बरकरार रहने पर हाई कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई। अदालत ने कार्रवाई को रद्द करते हुए दुकान खोलने की इजाजत दी और FDA को 30 दिनों के भीतर दुकान मालिक को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद अपने फैसले का जोरदार बचाव करते हुए तुकाराम मुंडे ने कहा कि यह सिर्फ कागजी नियमों का मामला नहीं था, बल्कि फूड पॉइजनिंग की एक गंभीर घटना थी।
इस दुकान से मिठाई खाकर कई ग्राहक बीमार पड़े थे और अस्पताल में भर्ती हुए थे। लैब जांच में भी सैंपल असुरक्षित पाए गए थे। उन्होंने कहा, "जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया हमारा कदम 100% सही था। हम अपने स्टैंड पर अडिग हैं।"
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तुकाराम मुंडे ने स्पष्ट किया कि देश को 'सुपरपावर' बनाने के लिए नागरिकों का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है, जिसके लिए सुरक्षित भोजन और दवाइयां अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सख्त रेगुलेटरी एक्शन लेने के बजाय 100% 'सेल्फ-कम्प्लायंस' का माहौल बनाना है, जहां व्यवसायी खुद नियमों का पालन करें। इसी प्राथमिकता के तहत पूरे महाराष्ट्र में डेयरी प्रोडक्ट्स, ऑनलाइन डिलीवरी और गुटखा के खिलाफ सख्त चेकिंग अभियान जारी है।
Location : Mumbai
Published : 19 August 2026, 3:29 PM IST