
राहुल गांधी और सुप्रिया सुले (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Mumbai: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कांग्रेस में विलय की अटकलों के बीच उनसे यह भी पूछा गया कि यदि भविष्य में उनकी पार्टी को कांग्रेस की ओर से विलय का प्रस्ताव मिलता है तो उसका क्या रुख होगा।
सुप्रिया सुले ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपने विचार रखने का अधिकार है। उन्होंने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह उनके भाई जैसे हैं और उनके सुझावों का सम्मान किया जाना चाहिए।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के समर्थन में खड़ी नजर आईं सुले ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ टीएमसी के साथ है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब अदालत तक जाएगा और न्याय की जीत होगी। उन्होंने कहा, 'सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।'
सुले ने कहा कि राजनीति में कोई भी नेता या विचारधारा पूरी तरह समाप्त नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ममता बनर्जी की विचारधारा को कोई खत्म नहीं कर सकता। हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई कथित मुलाकात और उससे जुड़ी चर्चाओं पर उन्होंने कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि वह उस बैठक में मौजूद नहीं थीं और न तो कांग्रेस की ओर से उन्हें कोई जानकारी दी गई और न ही टीएमसी की तरफ से।
जब सुप्रिया सुले से पूछा गया कि यदि भविष्य में कांग्रेस की ओर से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) को विलय का प्रस्ताव दिया जाता है तो उनकी पार्टी का क्या रुख होगा, तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, 'अभी बारिश हुई तो छतरी लूंगी या रेनकोट, पहले बारिश तो होने दो, उसके बाद देखते हैं।' उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में संभावनाओं को पूरी तरह नकारने के बजाय भविष्य पर छोड़ने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उद्धव ठाकरे गुट के सात सांसदों के शिवसेना में शामिल होने की अटकलों पर भी सुप्रिया सुले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन वर्तमान समय में राजनीति में कई तरह के 'ऑपरेशन' चल रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'पहले अस्पताल में ऑपरेशन होते थे, अब राजनीति में हो रहे हैं।' साथ ही उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक बताया।
इंडिया गठबंधन की हालिया बैठक को लेकर सुप्रिया सुले ने बताया कि इसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सहयोगी दलों ने यह निर्णय लिया है कि हर दो महीने में गठबंधन की बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगली बैठक हैदराबाद में होगी। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों को तोड़ने के प्रयासों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि देशहित के लिए सभी सहयोगी दल एकजुट हैं।
गाजियाबाद के पैसिफिक मॉल में लगी भीषण आग, सिनेमा हॉल में मची अफरा-तफरी
इंडिया गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर सुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने कई सुझाव दिए हैं और इस विषय पर अगली बैठक में विस्तार से चर्चा होगी।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इतने वर्षों में उल्लेखनीय काम किया है तो उसे अपने कार्यों की चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के भाषणों में कांग्रेस का बार-बार उल्लेख किया जाता है।
जब उनसे पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी में से बेहतर प्रधानमंत्री कौन रहे, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लिया। इसके अलावा नई राजनीतिक पार्टियों के गठन के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी पार्टी बनाने का अधिकार है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि उनकी पार्टी सर्वदलीय बैठक में कई मुद्दों को उठाने की मांग करेगी।
Location : Mumbai
Published : 11 June 2026, 2:57 PM IST