Maratha Reservation: 11 सितंबर तक मांगें नहीं मानीं तो 12 को मुंबई कूच! जरांगे की सरकार को आखिरी चेतावनी

मनोज जरांगे की मराठा आरक्षण को लेकर भूख हड़ताल जारी है। सरकार के आश्वासन के बावजूद उन्होंने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है। जरांगे ने 11 सितंबर तक मांगें पूरी नहीं होने पर 12 सितंबर को मुंबई पहुंचकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। अब सरकार पर समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 September 2026, 12:01 PM IST

Mumbai: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मनोज जरांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों और विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर आंदोलन खत्म करने की अपील की, लेकिन जरांगे अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने सरकार को 11 सितंबर तक का समय दिया है।

सरकार के आश्वासन के बाद भी नहीं माने जरांगे

सरकार की ओर से मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील और उदय सामंत, विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड और विधायक मकरंद पाटील जरांगे से मिलने पहुंचे। मंत्रियों ने उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए भूख हड़ताल खत्म या स्थगित करने की अपील की। सरकार ने कहा कि मराठा समुदाय से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए प्रक्रिया तेज की जा रही है।

सरकार के मुताबिक करीब 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड खोजे जा चुके हैं। पात्र लोगों को कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने और इसके लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात भी कही गई है।

12 सितंबर को मुंबई पहुंचने की चेतावनी

सरकार के आश्वासन के बावजूद जरांगे ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर 11 सितंबर तक मराठा समुदाय की सभी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 12 सितंबर को वह मुंबई पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। इससे सरकार के सामने समयसीमा के भीतर समाधान निकालने की चुनौती बढ़ गई है।

जरांगे ने शुक्रवार से पात्र मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन शुरू करने की अपील भी की। उन्होंने हैदराबाद गजट में मिले रिकॉर्ड के आधार पर पात्र परिवारों से प्रमाणपत्र की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।

श्रीनगर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान पोल से टकराया इंडिगो फ्लाइट, नवी मुंबई से आ रहा था विमान

कुनबी प्रमाणपत्र पर क्यों टिका है पूरा विवाद?

कुनबी समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी श्रेणी में आरक्षण मिलता है। जरांगे की मांग है कि पात्र मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र दिया जाए, जिससे वे ओबीसी आरक्षण का लाभ उठा सकें। उनका कहना है कि जिन परिवारों का संबंध पहचान किए गए कुनबी रिकॉर्ड से है, वे पारिवारिक, रक्त और वंश संबंधों के आधार पर प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सिर्फ भारत में ही नहीं, हॉलीवुड में भी है कृष्ण नाम के दीवाने, जानिए ‘हरे कृष्णा’ के जाप से किन विदेशी हस्तियों की बदली दुनिया!

भूख हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं

जरांगे ने कहा है कि सभी मांगें स्वीकार होने तक वह भूख हड़ताल वापस नहीं लेंगे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मराठा समुदाय के समर्थन में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि वह पानी और आईवी फ्लूइड ले सकते हैं, लेकिन अनशन नहीं तोड़ेंगे।

अब निगाहें 11 सितंबर की डेडलाइन पर हैं। अगर सरकार और जरांगे के बीच सहमति नहीं बनी, तो 12 सितंबर से मुंबई में आंदोलन का नया चरण शुरू हो सकता है।

Location :  Mumbai

Published :  4 September 2026, 12:01 PM IST