
प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- Pinterest)
Maharashtra: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले की जांच अब बिहार तक पहुंच गई है। ठाणे पुलिस इस केस में लगातार नए सुराग खंगाल रही है और जांच की दिशा अब अंतरराज्यीय नेटवर्क की ओर मुड़ गई है। मामले में सामने आया है कि इस कथित पेपर लीक गिरोह के तार बिहार और दिल्ली से जुड़े हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को शक है कि इस पूरे मामले के पीछे वही पुराना ‘सॉल्वर गैंग’ सक्रिय है, जिसका नाम पहले नीट पेपर लीक कांड में भी सामने आया था।
2024 के नीट यूजी पेपर लीक कांड के बाद चर्चा में आए नालंदा निवासी संजीव मुखिया का नाम एक बार फिर इस मामले से जोड़ा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या महाराष्ट्र TET पेपर लीक में भी उसी नेटवर्क के लोग शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि संजीव मुखिया का नेटवर्क अलग-अलग राज्यों की परीक्षाओं में सेंध लगाने के लिए प्रिंटिंग प्रेस और कूरियर सिस्टम तक में पहुंच बना चुका था। इसी वजह से जांच एजेंसियां अब इस पूरे कनेक्शन को गंभीरता से देख रही हैं।
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मामले में समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता का नाम पहले भी पेपर लीक मामलों से जुड़ता रहा है। वह पिछले करीब 25 वर्षों से ओडिशा, मध्य प्रदेश और बिहार की विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों में आरोपी रह चुका है।
सूत्रों का दावा है कि बिजेंद्र गुप्ता ने नीट घोटाले के बाद यह भी कहा था कि संजीव मुखिया का नेटवर्क बेहद मजबूत है और यह गतिविधियां रुकने वाली नहीं हैं।
ठाणे पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो बिहार और एक हरियाणा से बताया गया है। आरोप है कि ये सभी आरोपी दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर ठाणे पहुंचे थे और लगभग 1.5 करोड़ रुपये की डील करने की योजना में थे।
पुलिस के मुताबिक, इनके पास से TET परीक्षा के चार सेट ओरिजिनल पेपर भी बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों को पेपर की सप्लाई दिल्ली में बैठे एक नेटवर्क के जरिए मिली थी, जिसका बैकएंड बिहार से ऑपरेट हो रहा था।
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महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित एसआईटी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। टीम का फोकस इस अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचना है। पुलिस की एक टीम फिलहाल बिहार में भी डेरा डाले हुए है और नेटवर्क की जड़ों को तलाशने में जुटी है।
यह मामला एक बार फिर देश में परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि जब तक प्रिंटिंग प्रेस सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक इस तरह के संगठित गिरोह सक्रिय रह सकते हैं।
Location : Maharashtra
Published : 28 June 2026, 12:07 PM IST