
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Source: Pinterest)
Mumbai: महाराष्ट्र में छात्रों का आंदोलन अब सिर्फ किसी एक परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। हजारों छात्रों के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि छात्रों का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठता जा रहा है। उन्होंने सरकार से छात्रों की आवाज सुनने और तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
राहुल गांधी के मुताबिक, महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में छात्र पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और शिक्षा की बढ़ती लागत जैसी समस्याओं से परेशान हैं। उन्होंने हॉस्टल की खराब स्थिति, भोजन की गुणवत्ता और डीबीटी में कथित धोखाधड़ी जैसे मुद्दे भी उठाए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी एमपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाया गया है। उनका कहना है कि छात्रों की परेशानी केवल नौकरी या किसी एक परीक्षा से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था पर उनके घटते भरोसे का मामला है।
महाराष्ट्र में नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और छात्रों के प्रदर्शन के बीच परीक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। छात्रों की मांग है कि भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से हों, प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगे और परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की स्थिति में उम्मीदवारों को स्पष्ट समाधान मिले।
इसी बीच राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने का फैसला किया है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।
वैज्ञानिकों का क्या होगा? ISRO के निजीकरण मामले ने पकड़ा तूल; कर्मचारी सगंठनों ने खोला मोर्चा
सरकार द्वारा बनाई गई समिति परीक्षा व्यवस्था के लगभग हर चरण की समीक्षा करेगी। इसमें प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनकी जांच, गोपनीयता और सुरक्षित रखरखाव, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा परीक्षा में तकनीक के इस्तेमाल, नकल और दूसरी अनियमितताओं पर रोक, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, शिकायतों के निपटारे और उम्मीदवारों के पूरे परीक्षा अनुभव की भी समीक्षा की जाएगी। यानी परीक्षा शुरू होने से लेकर रिजल्ट और शिकायत निवारण तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।
महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने हॉस्टल की खराब स्थिति, सुरक्षा और परीक्षा से जुड़े सवालों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों की नाराजगी में शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई मुद्दे एक साथ सामने आए हैं।
प्रदर्शनों के बाद सरकार ने छात्रों की कुछ मांगों को स्वीकार किया और परीक्षा सुधार के लिए पैनल बनाने का निर्णय लिया। इससे संकेत मिलता है कि छात्रों का आंदोलन अब व्यापक शिक्षा और रोजगार व्यवस्था से जुड़े सवालों की ओर बढ़ रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुनकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो उनकी आवाज और तेज होगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार की उच्चस्तरीय समिति छात्रों की शिकायतों और परीक्षा व्यवस्था की खामियों पर कितनी प्रभावी कार्रवाई करती है। फिलहाल महाराष्ट्र में छात्रों का आंदोलन सरकार के लिए बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।
Location : Mumbai
Published : 6 September 2026, 2:04 PM IST