
प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून की एंट्री हो चुकी है और झमाझम बारिश का दौर जारी है। पूरे दिन की चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बाद आई यह बारिश वैसे तो बड़ी राहत देती है, लेकिन इसके साथ ही यह मौसम सेहत के लिए कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। यूपी में बारिश शुरू होते ही मौसमी इन्फेक्शन, पेट खराब होना, फ्लू, सर्दी-खांसी और शरीर में कमजोरी महसूस होना बेहद आम बात हो जाती है।
इस मौसम में हमारा शरीर तेजी से बदलते तापमान, धीमे पाचन तंत्र (डाइजेशन) और कई तरह के खतरनाक बैक्टीरिया व वायरस के संपर्क में आता है। ऐसे में खुद को बीमारियों से बचाने के लिए खान-पान में समझदारी भरे बदलाव करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं उन खास चीजों के बारे में, जिन्हें डॉक्टर इस मौसम में खाने की सलाह देते हैं।
बारिश के दिनों में होने वाली पेट की बीमारियों से बचने के लिए डॉक्टर सबसे पहले करेला खाने की सलाह देते हैं। बहुत से लोग इसके कड़वेपन की वजह से इसे नापसंद करते हैं, लेकिन असल में इसका यही कड़वापन इसके मजबूत एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों की पहचान है।
करेले में प्रचुर मात्रा में जरूरी विटामिंस और ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो आपके लिवर को अंदर से अच्छी तरह साफ करते हैं और आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। मानसून के दौरान दूषित पानी या बाहर के स्ट्रीट फूड के जरिए जो नुकसानदायक बैक्टीरिया हमारे पेट में पहुंच जाते हैं, करेला उन्हें प्राकृतिक रूप से खत्म करने का काम करता है।
वैसे तो संतरा, मौसंबी, नींबू और अन्य खट्टे फल बाजार में सालभर आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन मानसून के मौसम में इनका महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इन फलों में भरपूर मात्रा में विटामिन C होता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को तेजी से मजबूत करता है।
मजबूत इम्युनिटी की वजह से हमारा शरीर बारिश में फैलने वाले वायरस और फ्लू से बेहतर तरीके से लड़ पाता है। इसके अलावा, विटामिन C शरीर को पेड़-पौधों से मिलने वाले भोजन से आयरन को सोखने में भी मदद करता है। डॉक्टरों का कहना है कि पैकेट बंद जूस पीने के बजाय साबुत फल चबाकर खाएं, ताकि शरीर को जरूरी फाइबर भी मिल सके।
मानसून के महीनों में हमारा डाइजेशन सिस्टम काफी सुस्त और धीमा हो जाता है, जिससे भारी भोजन पचाने में दिक्कत आती है। जब भी पेट में भारीपन, गैस या अपच जैसी असहजता महसूस हो, तो डॉक्टर और डायटीशियन अक्सर सबसे पहले मूंग की दाल खाने की सलाह देते हैं। मूंग की दाल बेहद हल्की होती है और बहुत आसानी से पच जाती है।
इसके साथ ही यह शरीर को बेहतरीन क्वालिटी का प्लांट प्रोटीन देती है। इसमें फोलेट, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बदलते मौसम में शरीर को अंदर से ऊर्जावान और पूरी तरह स्थिर बनाए रखने में मदद करते हैं।
Location : Lucknow
Published : 2 July 2026, 4:14 PM IST
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