क्या रोज सुबह 3 बजे खुल जाती है आपकी नींद? जान लें इसके पीछे की वजह

क्या सफलता और बढ़ता तनाव आपकी नींद छीन रहा है? जानें मेंटेनेंस इंसोम्निया क्या है, रात में बार-बार नींद क्यों खुलती है और इससे कैसे बचा जा सकता है। एक्सपर्ट्स के सुझाव और आसान उपाय पढ़ें।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 16 February 2026, 11:49 AM IST

New Delhi: सफलता आमतौर पर खुशियां और आत्मविश्वास लेकर आती है, लेकिन इसके साथ बढ़ती जिम्मेदारियां और सामाजिक दबाव भी जुड़ जाते हैं। कई बार जब व्यक्ति आगे बढ़ता है, तो आसपास की तुलना, अपेक्षाएं और अनकहा तनाव मन पर असर डालने लगते हैं। यही मानसिक दबाव धीरे-धीरे नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आजकल बड़ी संख्या में लोग “मेंटेनेंस इंसोम्निया” यानी रात में बार-बार नींद खुलने की समस्या से जूझ रहे हैं।

क्या है मेंटेनेंस इंसोम्निया?

मेंटेनेंस इंसोम्निया वह स्थिति है जब व्यक्ति को सोने में दिक्कत नहीं होती, लेकिन रात में बार-बार उसकी नींद खुल जाती है और दोबारा गहरी नींद आना मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण मानसिक तनाव है।

जब दिमाग लगातार सतर्क या चिंतित अवस्था में रहता है, तो शरीर पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता। तनाव बढ़ने पर कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर ऊंचा रहता है, जो मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखता है। यही वजह है कि कई लोग रात के बीच में अचानक जाग जाते हैं और फिर करवटें बदलते रहते हैं।

किन वजहों से टूटती है नींद?

  • मानसिक तनाव और चिंता: काम का दबाव, आर्थिक असुरक्षा, रिश्तों में तनाव या भविष्य की चिंता।
  • शारीरिक तकलीफें: कमर दर्द, गठिया, नसों का दर्द, एसिड रिफ्लक्स या बार-बार यूरिन आना।
  • उम्र और हार्मोनल बदलाव: बढ़ती उम्र में नींद हल्की हो जाती है। महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव भी नींद प्रभावित करता है।
  • सोने का वातावरण: ज्यादा रोशनी, शोर, असुविधाजनक तापमान या मोबाइल स्क्रीन का उपयोग।

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छोटी-सी शारीरिक असुविधा भी ब्रेन को संकेत देती है, जिससे गहरी नींद टूट जाती है। इसलिए अगर नींद लगातार प्रभावित हो रही है, तो मूल कारण पहचानना जरूरी है।

सफलता और मानसिक दबाव का संबंध

जब व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ता है, तो जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। खुद को साबित करने की चाह, दूसरों की अपेक्षाएं और सामाजिक तुलना अनजाने में तनाव पैदा करती हैं। कई बार व्यक्ति बाहरी रूप से मजबूत दिखता है, लेकिन भीतर असुरक्षा या चिंता पल रही होती है। यह स्थिति लंबे समय में नींद के पैटर्न को बिगाड़ सकती है।

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कैसे सुधारें नींद की गुणवत्ता?

  • रोज एक तय समय पर सोने और जागने की आदत डालें।
  • सोने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी रखें।
  • शाम के बाद कैफीन और भारी भोजन से बचें।
  • गहरी सांस, ध्यान या हल्का योग अपनाएं।
  • जरूरत हो तो विशेषज्ञ की सलाह से कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी फॉर इंसोम्निया (CBT-I) पर विचार करें।

विशेषज्ञ मानते हैं कि छोटी-छोटी आदतों में सुधार और मानसिक संतुलन बनाए रखना गहरी नींद के लिए बेहद जरूरी है। सफलता तभी पूरी लगती है जब शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहें।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 16 February 2026, 11:49 AM IST