सोनम वांगचुक के सूप पीने का हेल्थ सीक्रेट, जानिए लंबे उपवास के बाद शरीर को संभालने वाले 5 सुपरफूड्स

नीट पेपर लीक के खिलाफ 26 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने सूप पीकर अपना अनशन खत्म किया। जानिए लंबे उपवास के बाद एकदम से भारी भोजन करने के गंभीर नुकसान और शरीर को सुरक्षित ऊर्जा देने वाले 5 सबसे बेहतरीन फूड्स के बारे में।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 July 2026, 12:40 PM IST

New Delhi: नीट (NEET) पेपर लीक और धांधली के विरोध में जंतर-मंतर पर पिछले 26 दिनों से अनशन पर बैठे मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने एक कप गर्म सूप की पहली चुस्की ली और मुस्कुराते हुए अपना अनशन तोड़ा। 26 दिनों तक बिना अन्न के रहने के बाद इस सूप ने न सिर्फ उनके शरीर को शुरुआती ऊर्जा दी, बल्कि एक लंबे स्वास्थ्य जोखिम भरे सफर को सुरक्षित मोड़ पर लाया।

लंबे उपवास के बाद तुरंत भारी भोजन करने से क्यों होता है नुकसान?

जब कोई व्यक्ति कई दिनों या हफ्तों तक कुछ नहीं खाता, तो उसका पाचन तंत्र स्लीप मोड (सुप्त अवस्था) में चला जाता है। ऐसे में अगर अचानक से रोटी, चावल या तैलीय भोजन खा लिया जाए, तो शरीर में 'रीफीडिंग सिंड्रोम' (Refeeding Syndrome) की स्थिति पैदा हो सकती है।

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अचानक भारी खाना खाने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे पोटेशियम और मैग्नीशियम) का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे दिल की धड़कन रुकने, सांस लेने में तकलीफ, मतली, उल्टी और पेट में असहनीय दर्द जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए लंबे उपवास के बाद भोजन की शुरुआत बहुत सोच-समझकर की जाती है।

भूख हड़ताल के बाद शरीर के लिए 5 सबसे सुरक्षित फूड्स

1. सब्जियों या सूप का पानी (Clear Vegetable Soup): सोनम वांगचुक ने भी इसी से अपना अनशन तोड़ा। सूप पचाने में बहुत आसान होता है और यह शरीर को तुरंत हाइड्रेशन के साथ जरूरी मिनरल्स देता है।
2. नारियल पानी (Coconut Water): लंबे उपवास के बाद शरीर में सोडियम और पोटेशियम की कमी हो जाती है। नारियल पानी नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करके कोशिकाओं को नया जीवन देता है।
3. पतली छाछ या कांजी (Diluted Butter Milk): छाछ में प्रचुर मात्रा में प्रोबायोटिक्स होते हैं। यह आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया को फिर से सक्रिय करता है और पाचन अग्नि को धीरे-धीरे जगाता है।
4. उबले सेब का पेस्ट या प्यूरी (Stewed Apple): उबले हुए सेब में पेक्टिन नामक फाइबर होता है, जो पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुँचाए बिना आसानी से पच जाता है और तुरंत नेचुरल ग्लूकोज देता है।
5. चावल का मांड या मूंग दाल का पानी (Rice/Moong Dal Water): यह कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का सबसे हल्का रूप है, जो कमजोर पड़ चुके पाचन तंत्र पर बिल्कुल दबाव नहीं डालता।

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धीरे-धीरे भोजन की ओर बढ़ना ही समझदारी

चिकित्सकों की सलाह है कि 26 दिनों जैसी लंबी भूख हड़ताल के बाद कम से कम 3 से 4 दिनों तक केवल तरल (Liquid) और अर्ध-तरल (Semi-solid) आहार ही लेना चाहिए। इसके बाद ही हल्के पके हुए ठोस भोजन की ओर बढ़ना चाहिए ताकि शरीर सुरक्षित रूप से अपनी पुरानी लय में लौट सके।

Location :  New Delhi

Published :  24 July 2026, 12:40 PM IST