
मानसून में मोर का डांस (फोटो सोर्स- Pinterest)
New Delhi: बचपन से ही हम सब यही सुनते और देखते आ रहे हैं कि जैसे ही आसमान में काले बादल घिरते हैं और झमाझम बारिश शुरू होती है, मोर अपने खूबसूरत पंख फैलाकर नाचने लगता है। पीढ़ियों से लोग इस जादुई और बेहद खूबसूरत नजारे को सीधे तौर पर बारिश के आने से जोड़ते आए हैं।
इस अनोखे दृश्य को लेकर कई तरह की पौराणिक कथाएं और लोक कथाएं भी मशहूर हैं, जिन्हें सुनकर हम बड़े हुए हैं। लेकिन क्या वाकई मोर सिर्फ बारिश की खुशी में नाचता है? अगर आप इसके पीछे की असली वजह जानेंगे, तो बचपन से सुनी कहानियों पर आपको शक होने लगेगा, क्योंकि विज्ञान इस जादुई दिखने वाले नाच के पीछे बेहद आसान और स्वाभाविक कारण बताता है।
दरअसल, मोर का यह मशहूर नाच बारिश के प्रति कोई जादुई या काल्पनिक प्रतिक्रिया नहीं है। यह उनके प्रजनन, मौसम की बदलती स्थिति और जीवित रहने की स्वाभाविक प्रवृत्ति से जुड़ा हुआ एक वैज्ञानिक व्यवहार है।
मानसून का मौसम मोर के पूरे जीवन चक्र में एक बेहद अहम भूमिका निभाता है। विज्ञान के अनुसार, बारिश के मौसम में मोर के नाचने के पीछे कोई रहस्यमयी कहानी नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव विज्ञान से जुड़े तीन बड़े राज छिपे हैं-
1. मानसून का मौसम होता है प्रजनन का समय (प्यार का राज)
मोर के नाचने की सबसे बड़ी और मुख्य वजह यह है कि बारिश का मौसम उनके मिलन (मेटिंग) का सबसे खास समय होता है। इस दौरान नर मोर, मादा मोरनी को आकर्षित करने के लिए यह शानदार और भव्य नाच दिखाते हैं। वे अपने बेहद रंग-बिरंगे और खूबसूरत पूंछ के पंखों को एक बड़े पंखे की तरह फैला लेते हैं और उन्हें हवा में लहराकर व हिलाकर अपने साथी को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। नर मोर का यह प्रदर्शन जितना ज्यादा आकर्षक, सुंदर और ऊर्जावान होता है, मादा मोरनी का ध्यान उसकी तरफ खींचने की संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है।
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- Pinterest)
2. सेहत और शारीरिक ताकत का प्रदर्शन
मोर का यह नाच सिर्फ मनोरंजन या एक साधारण हरकत नहीं है, बल्कि यह उनकी शारीरिक क्षमता को साबित करने का जरिया है। जब एक नर मोर अपने पंख फैलाता है, तो असल में वह अपनी फिटनेस, ताकत और जेनेटिक क्वालिटी का प्रदर्शन कर रहा होता है। उसके चमकीले पंख, सभी पंखों की एक जैसी बनावट और उसका ऊर्जावान प्रदर्शन इस बात का सीधा सबूत होते हैं कि वह पक्षी पूरी तरह से स्वस्थ और तंदुरुस्त है। मादा मोरनी भी अक्सर नर के इन्हीं दिखावटी और मजबूत गुणों को देखकर ही अपने लिए सही साथी का चुनाव करती हैं।
3. भीषण गर्मी से राहत और मौसम का सीक्रेट सिग्नल
हफ्तों तक चलने वाली भीषण और तपती गर्मी को सहने के बाद, मानसून की बारिश मौसम में एक सुखद और ठंडी राहत लेकर आती है। मौसम में होने वाला यह अचानक और सुहाना बदलाव मोरों को अंदर से बेहद सक्रिय और ऊर्जावान बना देता है। इसी वजह से, बारिश शुरू होने से ठीक पहले और बारिश के दौरान मोर अक्सर जोश में आकर नाचने का व्यवहार दिखाने लगते हैं।
इसके साथ ही, बारिश का मौसम पर्यावरण को पूरी तरह बदल देता है, जिससे भोजन की उपलब्धता काफी बढ़ जाती है। मानसून के आते ही कीड़े-मकोड़े, केंचुए, बीज और छोटे जीव भारी संख्या में बाहर आ जाते हैं। जब मोरों को आसानी से भरपूर खाना मिल जाता है, तो उनके पास मेटिंग के लिए इस तरह का शानदार दिखावा करने और दूसरी गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए पर्याप्त ऊर्जा बची रहती है। यही वह असली कारण है जिसके चलते हमें मानसून में मोरों का यह अद्भुत रूप देखने को मिलता है।
Location : New Delhi
Published : 20 June 2026, 9:54 AM IST