
पेपर कप का खौफनाक सच (Img- Pinterest)
New Delhi: अक्सर जब हम दुकानों या चाय के टपरियों पर रुकते हैं, तो डिस्पोजेबल पेपर कप में गर्म चाय या कॉफी पीना पूरी तरह सुरक्षित और इको-फ्रेंडली लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मासूम सा दिखने वाला पेपर कप आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है? वास्तव में, ये कप पूरी तरह कागज के नहीं होते।
इन्हें लीक-प्रूफ और मजबूत बनाने के लिए इनकी अंदरूनी परत पर पॉलीएथिलीन (PE) या बायोप्लास्टिक (PLA) की एक पतली प्लास्टिक कोटिंग की जाती है। जैसे ही इसमें खौलती चाय या सूप डाला जाता है, यह कोटिंग घुलकर ड्रिंक में खतरनाक रसायन मिलाने लगती है।
साल 2021 में ‘जर्नल ऑफ हेजार्डस मैटेरियल्स’ में प्रकाशित एक रिसर्च ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था। वैज्ञानिकों ने जब अलग-अलग कंपनियों के पेपर कपों में खौलता पानी डालकर 15 मिनट तक रखा, तो 100ml पानी में औसतन 25,000 माइक्रोन आकार के माइक्रोप्लास्टिक कण पाए गए।
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इसके अलावा, नैनोप्लास्टिक (1 माइक्रोमीटर से छोटे कण) और लेड, क्रोमियम व कैडमियम जैसे भारी धातु (Heavy Metals) भी ड्रिंक में रिलीज होते दिखे। यह नैनोप्लास्टिक सीधे हमारी कोशिकाओं (Cells) तक पहुंचकर शरीर में सूजन और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस पैदा करते हैं।
रोजाना पेपर कप में गर्म ड्रिंक्स पीने से यह टॉक्सिन धीरे-धीरे शरीर में जमा होने लगते हैं। ये रसायनिक कण हमारे इम्यून सिस्टम, हार्मोनल बैलेंस और सेल्स के सामान्य कामकाज को पूरी तरह बिगाड़ सकते हैं। लंबे समय तक इनका सेवन करने से दिमाग, लिवर, किडनी और दिल की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
इतना ही नहीं, सस्ते कपों में इस्तेमाल होने वाली घटिया प्रिंटिंग इंक के केमिकल भी पेट में चले जाते हैं। इसलिए डॉक्टरों की सलाह है कि चाय-कॉफी के लिए पेपर कप की जगह पारंपरिक कांच, चीनी मिट्टी या स्टील के कप का ही इस्तेमाल करें।
Location : New Delhi
Published : 23 September 2026, 8:04 AM IST
Topics : Health Risks Health News Lifestyle News Paper Cup