
ओट्स या पोहा (Img- Internet)
New Delhi: आजकल सेहत और फिटनेस को लेकर जागरूक लोगों के बीच सुबह के नाश्ते (हेल्दी ब्रेकफास्ट) को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है। कोई अपने दिन की शुरुआत फाइबर से भरपूर ओट्स के साथ करना बेहतर मानता है, तो किसी के लिए मूंगफली, करी पत्ता और नींबू से बना गर्मागर्म पोहा सबसे बेहतरीन और पारंपरिक नाश्ता है। ये दोनों ही विकल्प बहुत कम समय में तैयार हो जाते हैं, जेब पर भारी नहीं पड़ते और पाचन के लिहाज से भी काफी हल्के माने जाते हैं। लेकिन जब बात वजन घटाने (वेट लॉस) और दिनभर शरीर में हाई एनर्जी बनाए रखने की आती है, तो सही नाश्ते का चुनाव करना इतना आसान नहीं रह जाता।
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि सबसे अच्छा और आदर्श ब्रेकफास्ट वही है जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखे, पाचन तंत्र को मजबूत बनाए और शरीर को बिना भारी महसूस कराए पर्याप्त ऊर्जा दे। भारतीय घरों में ओट्स और पोहा दोनों ही हेल्दी ब्रेकफास्ट के रूप में तेजी से लोकप्रिय हुए हैं, लेकिन शरीर की कार्यप्रणाली पर इनका असर अलग-अलग तरीके से होता है।
ओट्स को वैश्विक स्तर पर फिटनेस और वेट लॉस से सीधे जोड़कर देखा जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह इसमें पाया जाने वाला 'बीटा-ग्लूकन' नाम का एक घुलनशील (सॉल्युबल) फाइबर है। यह फाइबर डाइजेशन यानी पाचन की प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिसर्च के मुताबिक, बीटा-ग्लूकन पेट भरे होने का एहसास बढ़ाता है और बार-बार होने वाली स्नैकिंग या क्रेविंग को रोकने में मदद करता है। ओट्स धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे शरीर को निरंतर ऊर्जा मिलती है और ब्लड शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा चीनी वाले फ्लेवर्ड इंस्टेंट ओट्स के बजाय प्लेन रोल्ड या स्टील-कट ओट्स ही सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं।
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दूसरी तरफ, पोहा को अक्सर ओट्स की तुलना में हल्का होने के कारण कमतर आंका जाता है, लेकिन यही इसका सबसे बड़ा गुण भी है। चपटे चावल से बनने वाला पोहा पेट के लिए बहुत हल्का होता है और आसानी से पच जाता है। जब पोहे में सब्जियां, मूंगफली, राई और करी पत्ता मिलाया जाता है, तो इसकी न्यूट्रिशन वैल्यू कई गुना बढ़ जाती है। मूंगफली से शरीर को प्रोटीन और हेल्दी फैट मिलता है, जबकि ऊपर से डाला गया नींबू का रस शरीर में आयरन के अवशोषण (एब्जॉर्प्शन) को बेहतर बनाता है।
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नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वजन घटाने के लिए सिर्फ किसी एक मील पर फोकस करने के बजाय पूरे डाइट पैटर्न को समझना जरूरी है। डाइटिशियन मानते हैं कि असली मुकाबला 'ओट्स बनाम पोहा' का नहीं है, बल्कि यह है कि आपका नाश्ता कितना संतुलित (बैलेंस्ड) है। जिस नाश्ते में पर्याप्त मात्रा में फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी इंग्रीडिएंट्स शामिल होंगे, वही आपके शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा और संतुष्टि देगा। आप अपनी पसंद और पाचन क्षमता के अनुसार दोनों को बदल-बदल कर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 18 May 2026, 6:01 PM IST