
यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा (Img- Internet)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड जवानों के खाली पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश में होमगार्ड जवानों के 41,424 पदों पर आयोजित की गई भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम आगामी सितंबर महीने में जारी कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को होमगार्ड संगठन की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। बैठक में सीएम योगी ने होमगार्डों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड संगठन प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपदा प्रबंधन तथा जनसेवा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में पुलिस और होमगार्ड का जवान ही समाज का 'फर्स्ट रिस्पांडर' (सबसे पहले पहुंचने वाला) होता है। पीड़ित व्यक्ति के पास सबसे पहले यही जवान पहुंचते हैं, इसलिए इनका पूरी तरह से प्रशिक्षित होना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी होमगार्ड जवानों को अनिवार्य रूप से सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) और फर्स्ट एड (प्राथमिक चिकित्सा) की ट्रेनिंग दी जाए। इसके साथ ही, उन्हें 'गोल्डन ऑवर' (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा जो जान बचाने के लिए सबसे संवेदनशील होता है) के महत्व के बारे में भी विस्तार से समझाया जाए। सीएम ने कहा कि जवानों को अधिक सक्षम, बेहतर प्रशिक्षित, तकनीकी रूप से दक्ष और आधुनिक बनाया जाना समय की मांग है।
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बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्तमान में 3,812 होमगार्डों को 'आपदा मित्र' के रूप में विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए 1,091 स्वयंसेवकों को अग्नि बचाव (फायर फाइटिंग) तथा 425 स्वयंसेवकों को बाढ़ बचाव कार्यों के लिए उन्नत और विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस भर्ती में चयनित होने वाले सभी नए अभ्यर्थियों को पुलिस के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिनों का कड़ा आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
होमगार्ड विभाग को हाईटेक बनाने के लिए बुनियादी ढांचे पर भी तेजी से काम चल रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि विभाग की 104.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 20 निर्माण परियोजनाओं का कार्य इस समय प्रगति पर है। इसके साथ ही, वर्तमान केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान को राज्य स्तरीय अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित करने की एक वृहद योजना तैयार की गई है, जिससे जवानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी जा सकेगी।
योगी सरकार होमगार्ड जवानों के कल्याण के लिए भी पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। सेवाकाल के दौरान किसी जवान की मृत्यु होने की स्थिति में उनके द्वारा नामित आश्रित को 5 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि दी जा रही है। दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में कुल 157.65 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि बांटी जा चुकी है। इसके अलावा, अप्रैल 2022 से अब तक 125 दिवंगत होमगार्ड स्वयंसेवकों के आश्रितों को विभिन्न बैंकिंग बीमा योजनाओं के माध्यम से 30 लाख से लेकर 45 लाख रुपये तक की बड़ी बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है।
Location : Lucknow
Published : 1 June 2026, 10:30 AM IST