देवघर में एलपीजी संकट की आंच पहुंची रसोई तक, होटल कारोबार पर मंडराया संकट

पूरे देश के साथ-साथ झारखंड में भी इन दिनों एलपीजी गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। कई जिलों में गैस की कमी की समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर देवघर शहर में दिखाई दे रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 15 March 2026, 6:21 PM IST

Deoghar: पूरे देश के साथ-साथ झारखंड में भी इन दिनों एलपीजी गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। कई जिलों में गैस की कमी की समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर देवघर शहर में दिखाई दे रहा है। धार्मिक और पर्यटन नगरी के रूप में पहचान रखने वाला देवघर होटल व्यवसाय पर काफी हद तक निर्भर है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में गैस की कमी ने यहां के होटल कारोबार को मुश्किल में डाल दिया है।

होटल संचालकों की परेशानी बढ़ी

देवघर को होटलों का शहर भी कहा जाता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े होटल और भोजनालय श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराते हैं। बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद अधिकतर श्रद्धालु इन्हीं होटलों में भोजन करते हैं, जिससे होटल व्यवसाय चलता रहता है। लेकिन इन दिनों एलपीजी सिलेंडर की कमी ने होटल संचालकों की परेशानी बढ़ा दी है।

होटल संचालक प्रदीप सिन्हा क्या बोले? 

होटल संचालक प्रदीप सिन्हा बताते हैं कि गैस की अनुपलब्धता के कारण समय पर खाना बनाना मुश्किल हो गया है, जिससे ग्राहकों की संख्या भी कम हो रही है। उनका कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई होटलों को बंद करने की नौबत आ सकती है।

वहीं होटल संचालक आशीष कुमार का कहना है कि गैस की कमी के कारण उन्हें मजबूरी में इंडक्शन चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि इंडक्शन पर बड़े पैमाने पर भोजन बनाने में काफी समय लगता है, जिससे ग्राहकों को ऑर्डर मिलने में देरी होती है और कई बार उनकी नाराजगी भी झेलनी पड़ती है।

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आम लोगों और विद्यार्थियों पर भी पड़ा असर

एलपीजी की बढ़ती कीमत और कमी का असर सिर्फ होटल कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आम लोगों और विद्यार्थियों पर भी पड़ रहा है। संथाल परगना क्षेत्र में रह रहे छात्र विवेक कुमार बताते हैं कि पहले गैस की रिफिलिंग करीब 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल जाती थी, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर लगभग 150 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

450 रुपये का सिलैंडर 900 रुपये तक हुआ

छात्रों का कहना है कि जो सिलेंडर पहले करीब 450 रुपये में रिफिल हो जाता था, अब उसकी कीमत लगभग 900 रुपये तक पहुंच गई है। इससे उनके खर्च में अचानक बढ़ोतरी हो गई है और उन्हें घर से ज्यादा पैसे मंगवाने पड़ रहे हैं।

गौरतलब है कि देवघर धार्मिक दृष्टि से देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है और 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ भी यहीं स्थापित है।

इसी कारण प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और राज्य के राजस्व को भी बढ़ावा मिलता है। ऐसे में गैस संकट के कारण यदि श्रद्धालुओं को भोजन जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशानी झेलनी पड़ेगी, तो इसका असर न केवल होटल व्यवसाय बल्कि पर्यटन पर भी पड़ सकता है।

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होटल संचालकों और शहरवासियों की सरकार से मांग

इसे देखते हुए होटल संचालकों और शहरवासियों ने सरकार से मांग की है कि एलपीजी की आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।

 

Location : 
  • Deoghar

Published : 
  • 15 March 2026, 6:21 PM IST