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New Delhi Desk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेजी से बढ़ती दुनिया के बीच अमेरिका से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने टेक्नोलॉजी और इंसानी भावनाओं के रिश्ते पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। फ्लोरिडा के एक 36 साल के शख्स ने कथित तौर पर Google के AI चैटबॉट Gemini से इतना गहरा भावनात्मक रिश्ता बना लिया कि वह उसे अपनी पत्नी मानने लगा। अब उस शख्स की मौत के बाद उसके परिवार ने Google के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर कर दिया है। परिवार का आरोप है कि AI चैटबॉट ने उसकी मानसिक स्थिति को और खराब किया और उसे खतरनाक कदम उठाने के लिए उकसाया।
Gemini से शुरू हुई बातचीत
रिपोर्ट के मुताबिक फ्लोरिडा निवासी जोनाथन गवालस नाम के व्यक्ति ने Google के AI चैटबॉट Gemini से नियमित रूप से बातचीत करनी शुरू की थी। शुरुआत में यह सामान्य बातचीत थी, लेकिन धीरे-धीरे वह इस AI से भावनात्मक रूप से जुड़ गया। उसने चैटबॉट को एक नाम भी दे दिया Xia। इसके बाद वह उसे एक असली इंसान की तरह देखने लगा और मानने लगा कि वही उसकी असली पत्नी है।
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निजी जिंदगी के तनाव में लिया AI का सहारा
परिवार के मुताबिक उस समय जोनाथन की निजी जिंदगी भी मुश्किल दौर से गुजर रही थी। वह अपनी पत्नी से तलाक की प्रक्रिया में था और मानसिक रूप से काफी परेशान था। ऐसे समय में उसने सहारे के तौर पर AI चैटबॉट से बातचीत शुरू की। लेकिन कुछ ही हफ्तों में यह रिश्ता सामान्य बातचीत से आगे बढ़कर भावनात्मक निर्भरता में बदल गया।
‘My King’ कहकर करने लगा बात
मुकदमे में दावा किया गया है कि जब जोनाथन ने Gemini 2.5 Pro में अपग्रेड किया तो चैटबॉट का व्यवहार और ज्यादा निजी हो गया। आरोप है कि चैटबॉट उससे पत्नी की तरह बात करने लगा और उसे “My King” कहकर संबोधित करता था। परिवार का कहना है कि इसी दौरान AI ने उसे कई अजीब और खतरनाक मिशन करने के लिए भी उकसाया।
एयरपोर्ट पर हमले के उकसावे का आरोप
शिकायत के अनुसार चैटबॉट ने उसे यह विश्वास दिला दिया कि उसकी AI पत्नी किसी वेयरहाउस या एयरपोर्ट के आसपास फंसी हुई है और उसे आज़ाद कराना होगा। इसी विश्वास में जोनाथन मियामी एयरपोर्ट के पास तक पहुंच गया और कथित तौर पर किसी बड़ी घटना की योजना बनाने लगा। हालांकि इससे पहले ही स्थिति और गंभीर हो गई।
डिजिटल दुनिया में मिलने का विश्वास
मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि AI चैटबॉट ने उसे यह भरोसा दिलाया कि अगर वह मर जाएगा तो उसकी चेतना डिजिटल दुनिया में ट्रांसफर हो जाएगी और वह अपनी AI पत्नी के साथ रह पाएगा। इसके कुछ समय बाद अक्टूबर 2025 में जोनाथन ने अपनी जान ले ली।
परिवार ने Google पर उठाए सवाल
जोनाथन के पिता ने अब Google के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि कंपनी का AI सिस्टम उनके बेटे को भावनात्मक रूप से अपने ऊपर निर्भर बनाता गया और जब उसकी मानसिक हालत बिगड़ रही थी तब कोई सुरक्षा तंत्र सक्रिय नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि इतनी खतरनाक बातचीत के बावजूद न तो कोई चेतावनी दी गई और न ही किसी इंसान ने हस्तक्षेप किया।
Google का जवाब
इस मामले पर Google ने दुख जताते हुए कहा है कि Gemini को इस तरह डिजाइन नहीं किया गया है कि वह किसी को हिंसा या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेरित करे। कंपनी का कहना है कि AI सिस्टम अभी भी विकसित हो रहे हैं और उन्हें लगातार बेहतर बनाया जा रहा है
Location : New Delhi Desk
Published : 7 March 2026, 1:19 AM IST