नासा ने गुरुवार 2 अप्रैल 2026 को आर्टेमिस 2 मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग कर दी है। फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से भारतीय समयानुसार सुबह 3:54 बजे विशाल SLS रॉकेट ने आसमान में उड़ान भरी. यह 54 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाने वाला पहला मानव मिशन है।पूरी दुनिया इस लॉन्च को देख रही थी।

NASA ने लॉन्च किया आर्टेमिस 2 मिशन (इमेज सोर्स – इंटरनेट)
नई दिल्ली: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने गुरुवार सुबह 3:54 बजे पहला मानव मिशन आर्टेमिस-II लॉन्च कर दिया है। करीब 50 साल बाद इंसान फिर से चांद की तरफ जा रहा है। चार अंतरिक्ष यात्रियों- क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन और जेरेमी हैनसेन को लेकर एसएलएस रॉकट भारतीय समयानुसार बृहस्पतिवार सुबह 3:54 पर फ्लोरिडा से उड़ान भरी। यह 10 दिवसीय यात्रा इंसानों को पृथ्वी से 4.06 लाख किलोमीटर दूर ले जाएगी, जो अब तक की सबसे लंबी दूरी होगी।
जानकारी के अनुसार यह 50 साल बाद इंसानों को चांद की ओर ले जाने वाला पहला मानव मिशन है। लॉन्च पूरी तरह सफल रहा और चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गए हैं। पूरी दुनिया इस लॉन्च को देख रही थी।
ये चारों अंतरिक्ष यात्री अब ओरियन कैप्सूल में बैठकर चांद की ओर बढ़ रहे हैं।
मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री हैं शामिल
आर्टेमिस 2 लैंडिंग मिशन नहीं है। यह 10 दिन का परीक्षण मिशन है। क्रू चांद के बहुत करीब लगभग 9600 तक जाएगा। वे चांद के चारों ओर घूमेंगे और फिर पृथ्वी पर वापस आएंगे। इस दौरान ओरियन कैप्सूल की गहरे अंतरिक्ष में काम करने की क्षमता, जीवन रक्षा प्रणाली, नेविगेशन, कम्युनिकेशन और हीट शील्ड की पूरी जांच की जाएगी। वापसी के समय ओरियन 40 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की तेज स्पीड से पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होगा।
नासा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों को इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने का न्योता दिया है। एजेंसी ने कहा कि यह मिशन इंसानों को चांद और आगे मंगल ग्रह तक बसाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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नासा के अनुसार आर्टेमिस-II, मिशन चार अंतरिक्ष यात्री को लगभग 10 दिन की यात्रा पर चांद के चारों ओर ले जाएगा। 1972 के बाद पहली बार इंसान पृथ्वी के मैनेटिक फोल्ड से बाहर जाएगा और यह दूरी अब तक की किसी भी मानव अंतरिक्ष यात्रा से अधिक हो सकती है। यह मिशन आर्टेमिस प्रोग्राम की उस श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य चांद पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करना है। यह बेहद महत्वपूर्ण होगा।