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वेनेजुएला में बड़ा सत्ता परिवर्तन हुआ है। राष्ट्रपति निकोलेस मादुरो की गिरफ्तारी के दावे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी रोड्रीगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया। जानें पूरा घटनाक्रम, राजनीतिक पृष्ठभूमि और अंतरराष्ट्रीय असर।
वेनेजुएला में राजनीतिक हलचल (Img Source: Google)
Caracas:वेनेजुएला की राजनीति में एक बड़ा और असाधारण घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलेस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के दावे के बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया है। यह फैसला प्रशासनिक निरंतरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकारी कामकाज को सुचारु बनाए रखने के लिए लिया गया है।
वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने शनिवार को जारी आदेश में कहा कि राष्ट्रपति मादुरो की अनुपस्थिति में डेल्सी रोड्रीगेज कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगी। अदालत के अनुसार, यह कदम राज्य की निरंतरता, संप्रभुता की रक्षा और संवैधानिक ढांचे को बनाए रखने के लिए जरूरी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे विस्तार से विचार किया जाएगा।
डेल्सी रोड्रीगेज का जन्म 18 मई 1969 को राजधानी काराकास में हुआ था। वह वामपंथी नेता और पूर्व गुरिल्ला जॉर्ज एंटोनियो रोड्रीगेज की बेटी हैं। अपने भाई जॉर्ज रोड्रीगेज के साथ मिलकर वह लंबे समय से सरकार की अहम नीतियों को आकार देती रही हैं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें मादुरो की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है।
डेल्सी रोड्रीगेज का राजनीतिक करियर काफी मजबूत रहा है।
अगस्त 2024 में उन्हें तेल मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच ऊर्जा क्षेत्र को संभालने की कोशिश की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी विशेष बलों ने मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। अमेरिका का कहना है कि मादुरो पर नार्को-आतंकवाद जैसे गंभीर आरोप हैं और उनके खिलाफ न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा। हालांकि, इस दावे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस और विरोध भी देखने को मिल रहा है।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन महीनों की योजना के बाद अंजाम दिया गया। शीर्ष सैन्य अधिकारी डैन केन के मुताबिक, अभियान में 150 से ज्यादा विमान शामिल थे। पहले वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय किया गया और फिर मादुरो को हिरासत में लिया गया।
इस घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। कई देशों ने इसे वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला बताया है, जबकि कुछ राष्ट्रों ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन भी किया है। आने वाले दिनों में यह मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम साबित हो सकता है।
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