
अमेरिका में आज खुलेगा चुनावी नतीजों का पिटारा
New Delhi: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के मतदान के बाद अब नतीजों की बारी है। दोनों पार्टियां रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स चुनाव नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर फैसला होना है। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर भी चुने जा रहे हैं।
चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के अगले दो वर्षों में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी के पास प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत है। डेमोक्रेटिक पार्टी की कोशिश प्रतिनिधि सभा में नियंत्रण हासिल करने के साथ सीनेट में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की है।
मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी बड़ी परीक्षा है। ईरान युद्ध, इमिग्रेशन और टैरिफ जैसे मुद्दों पर ट्रंप घिरे हुए हैं। ऐसे में, इन चुनावों के नतीजे ट्रंप की लोकप्रियता का भी बड़ा इम्तिहान होगा।
मतदान के दिन से पहले ही अमेरिका में करीब 5.97 करोड़ मतदाता डाक मतपत्रों और मतदान केंद्रों पर जाकर अपना वोट डाल चुके थे। इस बार चुनाव प्रचार में महंगाई, रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतें, अर्थव्यवस्था, आव्रजन और राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियां प्रमुख मुद्दे रहे।
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में वोटों की गिनती की प्रक्रिया राज्य और स्थानीय प्रशासन के जिम्मे होती है। मतदान समाप्त होने के बाद कागजी बैलेट को इलेक्ट्रॉनिक स्कैनर से गिना जाता है। इसके अलावा डाक मतपत्रों और पहले से डाले गए वोटों की भी गणना की जाती है।
चुनाव की रात जारी होने वाले आंकड़े शुरुआती और अनौपचारिक होते हैं। सभी मतपत्रों की गिनती, सत्यापन और मिलान पूरा होने के बाद राज्य के अधिकारी आधिकारिक परिणाम प्रमाणित करते हैं। डाक मतपत्रों और करीबी मुकाबलों के कारण अंतिम नतीजे आने में समय भी लग सकता है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में मतदान के बाद वोटों की गिनती की प्रक्रिया भारत से काफी अलग है। अमेरिका में चुनाव का संचालन राज्य और स्थानीय प्रशासन करते हैं, जबकि भारत में निर्वाचन आयोग के केंद्रीय ढांचे के तहत चुनाव आयोजित होते हैं।
अमेरिका में अधिकांश मतदान कागजी बैलेट पर होता है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक स्कैनर से गिना जाता है। कुछ जगहों पर हाथ से भी मतगणना की जाती है। इसके अलावा शुरुआती मतदान और डाक मतपत्रों के जरिए वोटिंग की सुविधा भी व्यापक रूप से उपलब्ध है।
अमेरिका में मतदान समाप्त होने के बाद स्थानीय चुनाव अधिकारी शुरुआती आंकड़े जारी करते हैं। ये परिणाम अनौपचारिक होते हैं और डाक तथा अन्य पात्र मतपत्रों की गिनती के बाद बदल सकते हैं। अंतिम परिणाम घोषित करने से पहले मतों का मिलान, सत्यापन और प्रमाणन किया जाता है। इस प्रक्रिया में कई दिन या सप्ताह लग सकते हैं।
इसके विपरीत, भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल होता है। मतगणना के दिन पोस्टल बैलेट और EVM के वोट निर्धारित प्रक्रिया के तहत गिने जाते हैं। VVPAT पर्चियों का भी नियमानुसार सत्यापन किया जाता है। आमतौर पर भारत में मतगणना के दिन ही नतीजे स्पष्ट हो जाते हैं।
इस तरह अमेरिका की मतगणना विकेंद्रीकृत और राज्यवार नियमों पर आधारित है, जबकि भारत में प्रक्रिया अधिक एकरूप और निर्धारित व्यवस्था के तहत संचालित होती है।
Location : New Delhi
Published : 4 November 2026, 5:55 AM IST