फ्रांस में जारी छात्र आंदोलन पर ट्रंप का विवादित दावा, प्रवासन और इस्लाम को बताया अशांति की मुख्य वजह

फ्रांस में शिक्षकों की कमी और बदहाल स्कूलों को लेकर हो रहे छात्र आंदोलन पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने इसे अनियंत्रित प्रवासन और देश पर कब्जे की कोशिश बताया, जबकि छात्र संसाधनों की मांग पर अड़े हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 October 2026, 10:05 AM IST
google-preferred

Washington: फ्रांस के बड़े शहरों में इन दिनों लाखों छात्र, शिक्षक और अभिभावक बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर हैं। लेकिन इस आंतरिक प्रदर्शन ने अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति का रूप ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस पूरे आंदोलन पर एक बेहद विवादित टिप्पणी करते हुए इसे स्कूलों की समस्याओं के बजाय अनियंत्रित प्रवासन और धार्मिक कब्जे की कोशिश करार दिया है।

Social Media पर दिया बड़ा बयान

Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Truth Social' पर एक पोस्ट के जरिए फ्रांस की मौजूदा स्थिति पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि फ्रांस में जो कुछ भी हो रहा है, वह अनियंत्रित तरीके से हो रहे बड़े पलायन का नतीजा है। ट्रंप के मुताबिक, यह आंदोलन केवल स्कूलों की बदहाली से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह उस देश पर कब्जा करने की एक सोची-समझी कोशिश है जो कभी बहुत महान हुआ करता था।

ट्रंप और नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार को बताया ‘हीरो’, Flydubai फ्लाइट में 174 जानें बचाने में की मदद

वास्तव में क्या हैं छात्रों की मांगें?

Trump के दावों से इतर, फ्रांस में हो रहे इस विरोध-प्रदर्शन की असल वजह बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सितंबर के अंत से ही सैकड़ों हाई स्कूलों के बाहर छात्र तालों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। पूरे देश में ढाई लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरकर जर्जर स्कूल इमारतों, शिक्षकों की भारी किल्लत और बजट में कटौती का विरोध कर रहे हैं। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी देखने को मिली हैं।

अमेरिकी चुनावों से जोड़ा जा रहा कनेक्शन

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि Trump का यह बयान महज एक इत्तेफाक नहीं है। अगले महीने होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ट्रंप और उनके 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) समर्थकों के लिए प्रवासन (इमिग्रेशन) एक बेहद अहम चुनावी मुद्दा है। फ्रांस की अशांति का हवाला देकर ट्रंप अपने देश में सख्त प्रवासन नीतियों का समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

मोदी-ट्रंप की फोन पर अहम बातचीत, ट्रेड डील से लेकर रक्षा और ऊर्जा तक कई मुद्दों पर चर्चा

बिना सबूत के दावों से गरमाई राजनीति

हालांकि ट्रंप ने अपने इस गंभीर दावे के पक्ष में कोई ठोस सबूत या आंकड़े पेश नहीं किए हैं। इसके बावजूद उनके इस बयान ने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां फ्रांस के लोग बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसे प्रवासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के चश्मे से देखा जाने लगा है।

Location :  Washington

Published :  7 October 2026, 10:05 AM IST

Advertisement