करीब छह महीने बाद नेपाल प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर पहली पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। इस संदेश में भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने की इच्छा जाहिर की गई है। यह पोस्ट दोनों देशों के बीच सहयोग, विश्वास और भविष्य में साझेदारी को नई दिशा देने का संकेत माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Image Source: Google)
Kathmandu: करीब छह महीने की खामोशी के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने आखिरकार सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। अक्तूबर 2025 के बाद यह पहला मौका है, जब नेपाल PMO ने कोई आधिकारिक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट में नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए भारत के साथ रिश्तों को लेकर गंभीर और सकारात्मक संदेश दिया गया है।
नेपाल PMO ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के स्नेहपूर्ण शब्दों और शुभकामनाओं के लिए आभार। साथ ही यह भी कहा गया कि दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए नेपाल पूरी तरह प्रतिबद्ध है और निकटता से काम करने को उत्सुक है। इस बयान को क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
दरअसल, इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह को पद संभालने पर बधाई दी थी। उन्होंने अपने संदेश में नेपाल की जनता के विश्वास का जिक्र करते हुए कहा था कि वे भारत-नेपाल के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए साथ काम करने को तैयार हैं।
Thank you, PM @narendramodi for your kind words and warm wishes. I am eager to work closely with you to advance the multifaceted relations between our two countries for the common prosperity of our people. https://t.co/0YWdh8Jj36
— PMO (@PM_nepal_) March 28, 2026
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वहीं, पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया था कि दोनों देशों की दोस्ती और सहयोग से आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इसी बधाई संदेश के जवाब में अब नेपाल PMO की यह प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसे कूटनीतिक शिष्टाचार से आगे बढ़कर एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
नेपाल PMO की इस पोस्ट में बहुआयामी संबंध शब्द का इस्तेमाल खास तौर पर ध्यान खींच रहा है। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देश सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक स्तर पर भी सहयोग को बढ़ाना चाहते हैं।
भारत और नेपाल के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से गहरे रहे हैं, लेकिन समय-समय पर इनमें उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। ऐसे में छह महीने बाद आई यह पोस्ट एक नई शुरुआत की ओर इशारा करती है। ऐसा माना जा रहा है कि यह संवाद भविष्य में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकता है।