अजरबैजान के रास्ते ईरान से लौटा छात्रों, भारतीय राजनयिकों का दल: जानिये किन-किन समस्याओं का करना पड़ा सामना

भारतीय नागरिकों का एक बड़ा समूह सप्ताहांत में सुरक्षित रूप से ईरान से वापस लौटा। इनमें वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के सभी परिवार के सदस्य भी शामिल थे, जिन्होंने हालिया युद्ध में आई अस्थायी राहत का लाभ उठाते हुए देश लौटने का कठिन सफर तय किया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 April 2026, 1:17 PM IST

New Delhi: संघर्ष और अनिश्चितता के बीच, भारतीय नागरिकों का एक बड़ा समूह सप्ताहांत में सुरक्षित रूप से ईरान से वापस लौटा। इनमें वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के सभी परिवार के सदस्य भी शामिल थे, जिन्होंने हालिया युद्ध में आई अस्थायी राहत का लाभ उठाते हुए देश लौटने का कठिन सफर तय किया।

अब तक 2400 भारतीय को मिली सहायता

युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 2,400 से अधिक भारतीयों को ईरान से बाहर निकालने में सहायता दी जा चुकी है। इनमें मेडिकल छात्र, मछुआरे, श्रमिक, नाविक, व्यावसायिक यात्री और लगभग 150 धार्मिक मदरसा छात्र शामिल हैं। भारतीय दूतावास ने इन सभी के लिए यात्रा और ठहरने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की।

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बाकू स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 6 मार्च 2026 से अब तक 189 छात्रों सहित 300 से अधिक भारतीय नागरिकों को अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला जा चुका है। दूतावास ने यह भी बताया कि राजदूत अभय ने निकाले गए छात्रों के अंतिम बैच से मुलाकात कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। यह पूरी कार्रवाई भारत सरकार और दूतावासों के समन्वित प्रयास का एक बड़ा उदाहरण है, जिसने संकट के समय हजारों भारतीयों को सुरक्षित घर लौटने में मदद की।

हाल ही में लौटे समूह में तेहरान स्थित केंद्रीय विद्यालय में कार्यरत भारतीय राजनयिकों और शिक्षकों के 34 परिजन शामिल थे, जिनमें 16 बच्चे भी थे। इन सभी ने अस्तारा स्थित ईरान-अज़रबैजान सीमा के रास्ते देश छोड़ा। इस दौरान उन्हें लगभग 9 घंटे की थकाऊ यात्रा करनी पड़ी और सीमा पर कई दिनों तक इंतज़ार भी करना पड़ा।

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वहीं, कुछ अन्य भारतीयों जिनमें बंदर अब्बास स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। आर्मेनिया सीमा तक करीब 30 घंटे की लंबी सड़क यात्रा की और वहां से राजधानी येरेवन पहुंचे।

Location :  New Delhi

Published :  20 April 2026, 1:17 PM IST