PM Modi और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात से क्यों भड़का अमेरिका? विदेश मंत्री रूबियो ने दी कड़े एक्शन की चेतावनी

किर्गिस्तान में पीएम नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की मुलाकात पर अमेरिका ने तीखा रुख अपनाया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 September 2026, 9:26 AM IST

New Delhi: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की आमने-सामने मुलाकात हुई, तो इसकी गूंज सीधे अमेरिका तक सुनाई दी।

वैश्विक भू-राजनीति में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की भारत की कोशिशों से अमेरिका असहज नजर आ रहा है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए खुले तौर पर चेतावनी जारी की है।

स्वतंत्र विदेश नीति का सम्मान, पर पाबंदियों पर सख्त रहेगा ट्रंप प्रशासन

मुलाकात पर पूछे गए सवाल के जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई औपचारिक ट्रेड डील हुई है। उन्होंने माना कि हर संप्रभु राष्ट्र अपनी स्वतंत्र विदेश नीति तय करने के लिए आजाद है।

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हालांकि, रूबियो ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान पर लागू आर्थिक पाबंदियों का उल्लंघन करने वाले किसी भी देश पर नए प्रतिबंध लगाने से पीछे नहीं हटेगा। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को उस कमाई से रोकना है, जिसका इस्तेमाल वह आतंकवाद और परमाणु कार्यक्रमों में कर सकता है।

ईरान पर सैन्य शिकंजे का दावा और 'ट्रंप स्ट्रेट' का विचार

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को बेहद सफल करार दिया है। ट्रंप का दावा है कि ईरान की वायुसेना, नौसेना और थल सेना पूरी तरह कमजोर हो चुकी हैं।

इतना ही नहीं, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा करते हुए ट्रंप ने इसका नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' रखने का विवादास्पद सुझाव भी दे डाला।

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भारत की संतुलित कूटनीति के आगे अमेरिका की चुनौती

भारत हमेशा से अपनी संप्रभु और स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता आया है, जहां वह एक तरफ अमेरिका का मजबूत साझेदार है तो दूसरी तरफ ईरान के साथ अपने चाबहार पोर्ट जैसे ऐतिहासिक व रणनीतिक हितों को भी सुरक्षित रखता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि अमेरिका के नए कड़े रुख के बीच भारत अपने कूटनीतिक संतुलन को किस प्रकार आगे बढ़ाता है।

Location :  New Delhi

Published :  3 September 2026, 9:26 AM IST