
पाकिस्तान सरकार ने हेग कोर्ट में पानी की तरह लुटाए डॉलर (Img- AI)
New Delhi: एक तरफ जहां पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट, भारी महंगाई और कड़े ऑस्टेरिटी ड्राइव (बचत अभियान) से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसकी प्राथमिकताएं पूरी तरह हैरान करने वाली हैं। देश के नागरिकों को बुनियादी सहूलियतें और बाढ़ से सुरक्षा देने के बजाय पाकिस्तान सरकार नीदरलैंड्स के द हेग स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में भारत के खिलाफ कानूनी लड़ाई पर पानी की तरह पैसा बहा रही है। बजट दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने सिंधु जल विवाद और भारत की जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर अब तक लगभग 60 लाख डॉलर खर्च कर दिए हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि इस भारी-भरकम रकम में वह हिस्सा भी शामिल है, जो मध्यस्थता अदालत द्वारा भारत की तरफ से मांगा गया था। भारत शुरू से ही इस पूरी कानूनी प्रक्रिया और द हेग कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन से दूरी बनाए हुए है और इसे मान्यता नहीं देता है। भारत ने न तो इस मुकदमे में भाग लिया है और न ही अपनी फीस जमा की है।
इसके बावजूद, पाकिस्तान अपनी जिद में भारत के हिस्से का बकाया पैसा भी खुद अपनी जेब से चुका रहा है। इसके अतिरिक्त, विश्व बैंक द्वारा नियुक्त न्यूट्रल एक्सपर्ट की कार्यवाही के लिए भी लगभग 1.94 मिलियन डॉलर का भुगतान किया गया है।
पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में देश के भीतर सरकारी वाहनों के ईंधन में आधी कटौती, नई गाड़ियों की खरीद पर रोक और विदेशी दौरों व दावतों पर सख्त पाबंदी जैसे कई कड़े बचत उपाय लागू किए हैं। लेकिन इसके विपरीत, द हेग में केस लड़ने के लिए लंदन की महंगी लॉ फर्मों और शीर्ष बैरिस्टरों की फौज पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है।
ब्रिटेन के महंगे कानूनी मानकों के मुताबिक इन वकीलों और तकनीकी सलाहकारों की भारी-भरकम फीस पर जनता के टैक्स का पैसा खर्च हो रहा है, जिसका कोई पारदर्शी ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान सरकार अपनी आंतरिक विफलताओं, खराब जल प्रबंधन और देश के चार प्रमुख जलाशयों की घटती भंडारण क्षमता से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह नाटक कर रही है। देश के भीतर बाढ़ और जल संरक्षण के केंद्रीय कार्यालय को मामूली बजट देने वाली सरकार, अंतरराष्ट्रीय अदालतों में मुकदमेबाजी पर छह गुना से ज्यादा रकम खर्च कर रही है, जो उसकी विफल नीतियों को उजागर करता है।
Location : New Delhi
Published : 10 October 2026, 11:34 AM IST