पाकिस्तान मंत्री के बयान से भड़का इजरायल, क्या टूटेगी अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की नाजुक कड़ी?

अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता के बीच पाकिस्तान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के विवादित बयान पर इजरायल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठाए।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 10 April 2026, 8:03 AM IST

New Delhi: पश्चिम एशिया में जारी जटिल कूटनीतिक घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान और इजरायल के बीच नया विवाद सामने आया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही युद्धविराम वार्ता के दौरान यह तनाव और अधिक संवेदनशील हो गया है। इस पूरे विवाद की जड़ पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक विवादित बयान है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।

विवादित बयान से भड़का इजरायल

ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखा बयान देते हुए इजरायल को “मानवता के लिए अभिशाप” और “कैंसरग्रस्त राज्य” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल गाजा, ईरान और अब लेबनान में निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसक अभियान चला रहा है। उनके इस बयान में ऐतिहासिक संदर्भ भी शामिल थे, जिसने इसे और अधिक विवादास्पद बना दिया।

इजरायल की कड़ी प्रतिक्रिया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि किसी भी संप्रभु देश के विनाश की बात करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के खिलाफ भी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे बयान किसी भी देश की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं, खासकर तब जब वह खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बताता हो।

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मध्यस्थता की भूमिका पर उठे सवाल

पाकिस्तान हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही युद्धविराम वार्ता में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी है, जिसे पाकिस्तान ने “ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता” बताया है। खुद ख्वाजा आसिफ ने भी पाकिस्तान को “विश्वसनीय मध्यस्थ” बताया था।

निष्पक्षता पर उठे सवाल

इजरायल का कहना है कि जब किसी देश का वरिष्ठ मंत्री इस तरह के बयान देता है, तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इजरायल ने संकेत दिया कि पाकिस्तान की भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीरता से विचार करना चाहिए। इस घटनाक्रम से वार्ता की दिशा और परिणाम पर असर पड़ सकता है।

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लेबनान और हिजबुल्लाह पर स्थिति स्पष्ट

इजरायल ने साफ किया कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते में लेबनान शामिल नहीं है। साथ ही उसने यह भी कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

Location :  New Delhi

Published :  10 April 2026, 8:03 AM IST