
सिचुआन में 5.1 तीव्रता का भूकंप (IMG: Pinterest)
New Delhi: दक्षिण-पश्चिम चीन में शुक्रवार दोपहर धरती अचानक कांप उठी। सिचुआन प्रांत में आए 5.1 तीव्रता के भूकंप के तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर यानी CENC के मुताबिक, भूकंप का केंद्र सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में था। भूकंप जमीन के अंदर महज 13 किलोमीटर की गहराई में आया, जिसके चलते इसके झटके आसपास के इलाकों में महसूस किए गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक फिलहाल बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान या इमारतों के ढहने की खबर नहीं है। हालांकि, झटकों के बाद स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन निगरानी और राहत व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है।
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप शुक्रवार को बीजिंग के स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर आया। इसका केंद्र लोंगचांग शहर में जमीन के करीब 13 किलोमीटर नीचे था। भूकंप की भौगोलिक स्थिति 29.23 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 105.22 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज की गई। भूकंप की गहराई कम होने के कारण आसपास के इलाकों में झटके अपेक्षाकृत तेज महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई लोग एहतियातन घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
शिन्हुआ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप के झटके रुकने के बाद स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी। लोंगचांग शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्थिति का जायजा लेने के लिए विशेष बचाव दलों को भेजा गया है। संभावित नुकसान का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद भी ली जा रही है। खासकर उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है जहां भूकंप के कारण सड़क, इमारत या दूसरी बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका हो सकती है।
नेपाल की तबाही के बाद गंडक में बहकर आए 4 शव, हालत देख दहल उठा महराजगंज; अब पहचान का इंतजार
भूकंप के बाद रेलवे और परिवहन विभागों ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रभावित क्षेत्रों से गुजरने वाले कुछ रेल मार्गों पर ट्रेनों की गति कम की गई है। इसके साथ ही रेलवे ट्रैक और दूसरे महत्वपूर्ण ढांचे का निरीक्षण किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भूकंप के कारण अगर कहीं पटरियों या परिवहन ढांचे में मामूली नुकसान भी हुआ हो तो उसे समय रहते पहचाना जा सके।
सिचुआन चीन के उन इलाकों में शामिल है जिन्हें भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यह क्षेत्र तिब्बती पठार और सिचुआन बेसिन के बीच स्थित है। यहां कई सक्रिय फॉल्ट लाइनें हैं और टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण समय-समय पर भूकंपीय हलचल होती रहती है। इसी वजह से सिचुआन का नाम चीन के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में लिया जाता है।
सिचुआन में वर्ष 2008 में आया वेनचुआन भूकंप चीन की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। इस भूकंप की तीव्रता करीब 7.9 थी और इससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी। करीब 90 हजार लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल और बेघर हुए थे।
चीन के सिचुआन में आए इस भूकंप को लेकर नेपाल में हाल में आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से जोड़कर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि उपलब्ध भौगोलिक जानकारी के मुताबिक सिचुआन और नेपाल के बीच करीब 1,800 से 2,000 किलोमीटर की दूरी है। दोनों इलाके भौगोलिक रूप से अलग क्षेत्रों में आते हैं। इसलिए फिलहाल सिचुआन में आए इस भूकंप और नेपाल में हुई बाढ़ के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। दोनों घटनाओं को अलग-अलग प्राकृतिक घटनाओं के तौर पर देखा जा रहा है।
Location : New Delhi
Published : 28 August 2026, 12:11 PM IST