ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद कराची में अमेरिकी कांसुलेट के बाहर शिया समुदाय का विरोध प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को नियंत्रित किया, कई मार्ग ब्लॉक किए गए।

पाकिस्तान में हंगामा (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Karachi: ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत की खबरों के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (यूएस कांसुलेट) के बाहर इकट्ठा हुए और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की।
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि प्रदर्शनकारी माई कोलाची से सुल्तानाबाद जाने वाले मार्गों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया। दोनों तरफ से आने-जाने वाले वाहन और लोग प्रभावित हुए। कई लोग प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कांसुलेट के पास जमा हुए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
कुछ प्रदर्शनकारी कथित तौर पर अमेरिकी कांसुलेट के परिसर के भीतर घुस गए। वहां उन्होंने तोड़फोड़ की और सुरक्षा कर्मियों के लिए मुश्किलें पैदा की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और भीड़ नियंत्रण के अन्य उपाय अपनाए। हालांकि, कई स्थानीय लोग इस हिंसा की आलोचना कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस हिंसा का मुख्य कारण ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत की खबर और शिया समुदाय में गहरा भावनात्मक आक्रोश है। पाकिस्तान में बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग रहते हैं और खामेनेई की मौत के बाद उनकी भावनाएं भड़क गईं। इस प्रकार, यह प्रदर्शन केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का भी सीधा असर था।
कराची पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शन को काबू में करने के लिए विभिन्न उपाय किए। कांसुलेट के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए और महत्वपूर्ण मार्गों पर रोक लगाई गई। प्रशासन ने चेतावनी दी कि भविष्य में हिंसा की स्थिति पैदा होने पर कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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कराची में यह प्रदर्शन दर्शाता है कि ईरान और पाकिस्तान के बीच धार्मिक और राजनीतिक भावनाओं का कितना गहरा संबंध है। आने वाले दिनों में प्रशासन की चुनौती होगी कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन और हिंसा के बीच संतुलन बनाए रखें।