
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच नई डील (Img- Intrnet)
New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को दो महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है, जिससे वैश्विक राजनीति और तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है।
इस बीच ईरान ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसे एक बड़े सामरिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए तैयार है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है और इसके खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आ सकती है।
हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव के साथ एक अहम शर्त भी रखी है। उसने कहा है कि परमाणु हथियारों और यूरेनियम संवर्धन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत बाद में की जाएगी। तेहरान का कहना है कि पहले समुद्री संकट को पूरी तरह खत्म किया जाए और उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं।
ईरान ने यह प्रस्ताव सीधे अमेरिका को नहीं, बल्कि पाकिस्तान के जरिए भेजा है। इस मध्यस्थता में मिस्र, तुर्की और कतर भी शामिल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तानी मध्यस्थों ने इस डील को वॉशिंगटन तक पहुंचाया है, जिससे कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इस प्रस्ताव के पीछे ईरान के भीतर चल रहे मतभेद भी एक बड़ी वजह माने जा रहे हैं। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिए हैं कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर नेतृत्व में एकराय नहीं है। यूरेनियम संवर्धन की सीमा और भंडार को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है, जिसके चलते फिलहाल आर्थिक राहत को प्राथमिकता दी जा रही है।
ईरान के इस प्रस्ताव ने वॉशिंगटन की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अगर पहले नाकाबंदी हटा दी गई तो ईरान पर परमाणु मुद्दे को लेकर दबाव कम हो जाएगा। अमेरिका चाहता है कि ईरान लंबे समय तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाए।
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अब सबकी नजरें डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं। खबर है कि ट्रंप जल्द ही अपनी सुरक्षा टीम के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर सकते हैं, जिसमें इस प्रस्ताव और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि यह प्रस्ताव तनाव कम करेगा या टकराव को और बढ़ाएगा।
Location : New Delhi
Published : 27 April 2026, 9:03 AM IST