भारत ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के बीच व्यापारिक जहाजों पर हमलों का कड़ा विरोध किया है। भारत की बड़ी चिंता यह है कि इससे वहां काम कर रहे करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

ईरान इज़राइल युद्ध
New Delhi: भारत ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के बीच व्यापारिक जहाजों पर हमलों का कड़ा विरोध किया है। भारत ने कहा कि इससे वहां काम कर रहे लगभग एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। विदेश मंत्रालय ( MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के जरिये समस्या के समाधान के पक्ष में है। हम चाहते हैं कि लड़ाई जल्द खत्म हो जाए। युद्ध के चलते कई जानें जा चुकी हैं। हम इस बारे में अपना दुख जाहिर कर रहे हैं।
भारत ने कहा कि सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है। भारत ने कहा है कि दुर्भाग्य से रमजान के पवित्र महीने में इस क्षेत्र में स्थिति काफी और लगातार बिगड़ती जा रही है।
विदेश मंत्रालय ( MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक खाड़ी क्षेत्र में रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और भलाई सबसे जरूरी है। पिछले कुछ दिनों में ऐसे हमलों की वजह से पहले ही कुछ भारतीय नागरिकों की जानें जा चुकी हैं या वे लापता हैं। बदकिस्मती से रमजान के पवित्र महीने में इस इलाके में हालात काफी और लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारी ट्रेड और एनर्जी सप्लाई चेन भी इसी इलाके से होकर गुजरती हैं। किसी भी बड़ी रुकावट का भारतीय इकॉनमी पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत मर्चेंट शिपिंग पर हमलों का भी कड़ा विरोध करता है।
MEA ने खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। इजराइल में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।