ईरान का युद्धपोत IRIS लावन कोच्चि पोर्ट पर तकनीकी खराबी के कारण रुका। 183 क्रू मेंबर भारतीय नौसेना की सुविधाओं में सुरक्षित हैं। जहाज हाल ही में IFR 2026 और मिलान 2026 अभ्यास में शामिल हुआ था।

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New Delhi: ईरान का युद्धपोत IRIS लावन फिलहाल भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, जहाज में 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आ गई थी और ईरान ने तत्काल भारत से मदद मांगी। भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी और 4 मार्च को यह पोर्ट पर पहुंच गया। इस दौरान जहाज के 183 क्रू मेंबर भारतीय नौसेना की सुविधाओं में सुरक्षित रूप से ठहरे हुए हैं।
इंटरनेशनल नौसैनिक अभ्यास में भागीदारी
IRIS लावन हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था। ये अभ्यास 15 से 25 फरवरी के बीच आयोजित किए गए थे। इन कार्यक्रमों में कई देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया था, जिससे क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने का संदेश गया।
अमेरिका के हमले के बाद सतर्कता
जानकारी के अनुसार इससे पहले अमेरिका ने भारत लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना पर हमला कर उसे डुबा दिया था, जिसमें 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और सतर्कता को लेकर माहौल गंभीर हो गया है। ऐसे में IRIS लावन के कोच्चि में डॉक होने को रणनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोच्चि में क्रू मेंबर की सुविधा
जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि में भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि सभी को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान किया गया है। जहाज और उसके कर्मचारियों की देखभाल के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
तकनीकी खराबी और सहायता
ईरान ने जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद भारत से तत्काल सहायता मांगी थी। भारत ने सहयोग करते हुए जहाज को डॉक करने की अनुमति दी और उसकी मरम्मत तथा संचालन में मदद की जा रही है। यह कदम दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और सामरिक समन्वय को दर्शाता है।