भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का आगाज़, वैश्विक नेता से लेकर टेक दिग्गज होंगे शामिल

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस समेत 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि ले सकते है भाग।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 19 February 2026, 1:52 AM IST

New Delhi: राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 आज से शुरू हो रही है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह पहली बार है जब ग्लोबल साउथ में इस स्तर का एआई सम्मेलन आयोजित हो रहा है। समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित 20 से अधिक देशों के नेता, मंत्री और बहुपक्षीय संस्थानों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन का उद्देश्य भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करना, समावेशी विकास को बढ़ावा देना और जिम्मेदार एआई उपयोग की वैश्विक रूपरेखा तैयार करना है। उद्घाटन सत्र के बाद नेताओं की पूर्ण बैठक होगी, जिसमें एआई गवर्नेंस, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, डेटा सुरक्षा और गलत सूचना से निपटने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

निवेश, गिनीज रिकॉर्ड और मेक इन इंडिया टेक्नोलॉजी

समिट से पहले हुई बैठकों में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत में अगले पांच वर्षों में 15 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया, जिसे एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं तकनीकी उद्यमी विनोद खोसला से भी एआई इनोवेशन को लेकर चर्चा हुई।

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केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन के तहत 24 घंटे में सबसे अधिक संकल्प प्राप्त कर भारत ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। इस पहल में डेटा गोपनीयता, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे सिद्धांतों को बढ़ावा दिया गया।

सम्मेलन में भारतीय सेना ने 'मेक इन इंडिया' एआई तकनीकों का प्रदर्शन किया। इनमें एआई आधारित परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली और प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन, बाढ़ और हिमस्खलन की तीन से सात दिन पहले सटीक भविष्यवाणी करने वाला मॉडल शामिल है। इसे रक्षा के साथ-साथ नागरिक उपयोग के लिए भी उपयोगी बताया गया।

द्विपक्षीय कूटनीति और वैश्विक सहयोग पर जोर

समिट के इतर प्रधानमंत्री ने स्पेन, फिनलैंड, सर्बिया, क्रोएशिया, एस्टोनिया, कजाकिस्तान और भूटान के नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें कीं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक सहयोग का नया अध्याय बताया गया।

शाम को होने वाली सीईओ राउंडटेबल बैठक में वैश्विक टेक कंपनियों के प्रमुख एआई निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्किल डेवलपमेंट पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंच के जरिए भारत न केवल एआई तकनीक का बड़ा उपभोक्ता बल्कि निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट को नीति निर्माण, उद्योग सहयोग और सामाजिक प्रभाव के लिहाज से ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। सरकार का फोकस ऐसे एआई मॉडल विकसित करने पर है जो कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में व्यापक उपयोगी हों।

वैश्विक नेताओं की मौजूदगी, बड़े निवेश के संकेत और जिम्मेदार एआई पर जोर के साथ यह समिट भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी कूटनीति को नई दिशा देने वाला मंच बनकर उभर रहा है।

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Published : 
  • 19 February 2026, 1:52 AM IST