Iran-Israel War के बीच अमेरिकी सेना में अचानक हड़कंप, आखिर जनरल रैंडी जॉर्ज को क्यों हटाया गया?

अमेरिकी सेना में एक अचानक बड़ा बदलाव हुआ है। हालिया घटनाओं और वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच यह कदम चर्चा में है। विशेषज्ञ और मीडिया इसके असर और संभावित परिणामों पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि आम जनता इस रहस्यपूर्ण घटना के पीछे की पूरी वजह जानने के लिए उत्सुक है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 3 April 2026, 9:03 AM IST
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New Delhi: मध्य-पूर्व के रणक्षेत्र में ईरान के साथ जारी संघर्ष जब अपने पांचवें सप्ताह के बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है, तब अमेरिकी सैन्य गलियारों से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक कड़ा फैसला लेते हुए अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

विभाग द्वारा जारी एक संक्षिप्त और औपचारिक संदेश में जनरल जॉर्ज की दशकों लंबी सेवा की सराहना तो की गई, लेकिन उनके इस अचानक और अनिवार्य रिटायरमेंट के पीछे के कारणों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली गई है। 2023 में पदभार संभालने वाले जनरल जॉर्ज का कार्यकाल अभी लगभग डेढ़ साल शेष था, जिसे इस आदेश ने समय से पहले ही समाप्त कर दिया है।

अनुभव और विवादों के बीच फंसी बर्खास्तगी की कहानी

जनरल रैंडी जॉर्ज का सैन्य करियर वीरता और अनुभव की मिसाल रहा है। 1982 में एक साधारण सैनिक के रूप में भर्ती होने से लेकर वेस्ट पॉइंट अकादमी के स्नातक और फिर इराक एवं अफगानिस्तान के युद्धों में 101वीं एयरबोर्न डिवीजन का नेतृत्व करने तक, उन्होंने हर मोर्चे पर अपनी काबिलियत साबित की थी।

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हालांकि, हाल के दिनों में पेंटागन के भीतर का माहौल काफी तनावपूर्ण बताया जा रहा था। विशेषकर रक्षा मंत्री हेगसेथ द्वारा सेना के शीर्ष वकील को हटाए जाने और राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन में निकली विशाल सैन्य परेड जैसे फैसलों ने सेना के पारंपरिक ढांचे में हलचल पैदा कर दी थी। इसके अलावा, गायक 'किड रॉक' के घर के पास अपाचे हेलीकॉप्टर उड़ाने वाले पायलटों की जांच को हेगसेथ द्वारा पलटने के फैसले ने भी नेतृत्व के बीच मतभेदों की ओर इशारा किया था, हालांकि आधिकारिक तौर पर इन घटनाओं को बर्खास्तगी का सीधा कारण नहीं बताया गया है।

युद्ध की भावी रणनीति

जनरल जॉर्ज की विदाई के साथ ही अब सेना की कमान जनरल क्रिस्टोफर लावेन के हाथों में जाने की पूरी संभावना है। जनरल लावेन को रक्षा मंत्री हेगसेथ के काफी करीब माना जाता है क्योंकि वे पूर्व में उनके वरिष्ठ सैन्य सहायक के रूप में काम कर चुके हैं। लावेन का चयन यह स्पष्ट संकेत देता है कि ट्रंप प्रशासन अब सेना के शीर्ष पदों पर ऐसे अधिकारियों को देखना चाहता है जो उनके अनऑर्थोडोक्स दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह तालमेल बिठा सकें। लावेन के पास 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की कमान संभालने का गहरा अनुभव है, जो वर्तमान युद्ध की स्थिति में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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युद्ध के मैदान और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

यह नेतृत्व परिवर्तन एक ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी थल सेना मध्य-पूर्व में अपनी हवाई रक्षा प्रणालियों के साथ तैनात है और ईरान के साथ संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल की कीमतों में लगी आग ने पहले ही अमेरिकी प्रशासन पर भारी दबाव बना रखा है। ऐसे में सेना प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद पर बदलाव सीधे तौर पर ज़मीनी ऑपरेशनों और सैनिकों के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 3 April 2026, 9:03 AM IST

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