बांग्लादेश में अंतरिम नेता मोहम्मद यूनुस ने इस्तीफा देकर सत्ता निर्वाचित नेतृत्व को सौंप दी है। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। यूनुस ने विदाई भाषण में लोकतंत्र और मौलिक अधिकारों की प्रक्रिया जारी रखने की अपील की। हालिया चुनाव में बीएनपी को भारी बहुमत मिला है, जबकि अवामी लीग चुनाव से बाहर रही।

यूनुस का इस्तीफा (Image Source: Google)
New Delhi: ढाका में सोमवार को बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब अंतरिम नेता मोहम्मद यूनुस ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि अंतरिम सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बनी थी और अब निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंपने का समय आ गया है।
यूनुस ने अपने विदाई संदेश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मौलिक अधिकारों और पारदर्शी शासन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को दबाव की राजनीति से दूर रखते हुए आपसी सम्मान और राष्ट्रीय हितों पर आधारित विदेश नीति अपनानी चाहिए।
हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी को भारी बहुमत मिला है। पार्टी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट जनादेश हासिल किया, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग चुनाव से बाहर रही।
बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। खास बात यह है कि शपथ ग्रहण समारोह परंपरा से अलग बंगभवन के बजाय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जाएगा।
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साल 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस ने मुख्य सलाहकार के रूप में अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व में चुनाव कराए गए और सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित किया गया। सरकारी एजेंसी के अनुसार राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन मंगलवार दोपहर को नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे।
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बांग्लादेश में यह बदलाव राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ है और अब नई सरकार के सामने आर्थिक स्थिरता, संस्थागत सुधार और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी।