सुरों की मलिका, लेकिन जिंदगी में दर्द ही दर्द… आशा भोसले की अनसुनी कहानी

भारतीय संगीत जगत को बड़ा झटका लगा है। दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनके जाने से सिर्फ संगीत ही नहीं, बल्कि एक पूरा दौर खत्म हो गया है। इस खबर में उनके करियर के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी के दर्दनाक पहलुओं को भी विस्तार से जानिए।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 April 2026, 1:24 PM IST

Mumbai: मुंबई की उस सुबह में जैसे सन्नाटा फैल गया, जब एक ऐसी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई, जिसने दशकों तक दिलों पर राज किया। खबर आई कि आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रहीं। 92 साल की उम्र में ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। जैसे ही यह खबर बाहर आई, फैंस के बीच मायूसी की लहर दौड़ गई।

बचपन में टूटा सहारा, शुरू हुआ संघर्ष

साल 1933 में महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले महान गायक दीनानाथ मंगेशकर की बेटी थीं। लेकिन जब वह महज 9 साल की थीं, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। घर की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर उन्होंने गाना गाना शुरू किया और उसी से परिवार का गुजारा चलने लगा।

RIP Asha Bhosle: 10 साल की उम्र में रिकॉर्डिंग, 12 हजार गाने और गिनीज रिकॉर्ड

16 साल की उम्र में बगावत और पहली शादी

कम उम्र में ही उन्होंने जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला लिया। 16 साल की उम्र में आशा भोसले ने घर से भागकर अपने से 15 साल बड़े गणपतराव भोसले से शादी कर ली। यह रिश्ता उनके परिवार को मंजूर नहीं था, खासकर लता मंगेशकर को। लेकिन प्यार के आगे उन्होंने किसी की नहीं सुनी। हालांकि, यह शादी ज्यादा समय तक नहीं चल सकी और 11 साल बाद टूट गई।

ससुराल में अत्याचार और टूटा रिश्ता

शादी के बाद उनका जीवन किसी बुरे सपने जैसा बन गया। ससुराल में उनके साथ बुरा व्यवहार होता था, यहां तक कि उन्हें मारपीट भी झेलनी पड़ी। घरेलू हिंसा से तंग आकर उन्होंने यह रिश्ता खत्म करने का फैसला किया। उस वक्त वह प्रेग्नेंट थीं और बेहद मुश्किल हालात में अपने बच्चों को लेकर घर छोड़ना पड़ा। जिंदगी के इस मोड़ पर वह पूरी तरह टूट चुकी थीं और यहां तक कि उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म करने का भी सोचा।

अकेले बच्चों की परवरिश और नई शुरुआत

पति से अलग होने के बाद आशा भोसले ने अकेले ही अपने बच्चों की जिम्मेदारी उठाई। धीरे-धीरे परिवार से उनके रिश्ते भी सुधरने लगे। उन्होंने अपने तीन बच्चों- हेमंत, वर्षा और आनंद- को अपने दम पर पाला और साथ ही अपने करियर को भी नई ऊंचाई दी।

बेटी की खुदकुशी, बेटे की मौत

उनकी जिंदगी में दर्द का सिलसिला यहीं नहीं रुका। उनके बड़े बेटे हेमंत भोसले, जो म्यूजिक कंपोजर थे, साल 2015 में कैंसर के कारण चल बसे। वहीं उनकी बेटी वर्षा भोसले, जो एक पत्रकार थीं, 2012 में डिप्रेशन का शिकार हो गईं और उन्होंने खुदकुशी कर ली। यह घटना आशा भोसले के जीवन का सबसे बड़ा झटका थी। छोटे बेटे आनंद भोसले आज भी उनके म्यूजिक और रेस्टोरेंट बिजनेस को संभालते हैं।

मशहूर गायिका आशा भोसले नहीं रहीं, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लीं अंतिम सांस

आरडी बर्मन के साथ दूसरी शादी

पहली शादी के बाद करीब 20 साल तक अकेले रहने के बाद आशा भोसले ने दूसरी शादी की। उन्होंने मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन से शादी की, जिन्हें पंचम दा के नाम से जाना जाता था। यह रिश्ता भी आसान नहीं था। आरडी बर्मन की मां इस शादी के खिलाफ थीं, लेकिन तमाम मुश्किलों के बाद दोनों एक हुए। शादी के बाद दोनों ने साथ में कई हिट गाने दिए और एक खूबसूरत जिंदगी जी। लेकिन यह साथ ज्यादा लंबा नहीं चला। 14 साल बाद आरडी बर्मन का निधन हो गया और आशा भोसले एक बार फिर अकेली रह गईं।

संगीत की दुनिया में अमर नाम

आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से ज्यादा गाने गाए और 20 से अधिक भाषाओं में अपनी आवाज दी। उनके नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया।

आखिरी दौर में बॉलीवुड से दूरी

अपने जीवन के आखिरी वर्षों में आशा भोसले ने बॉलीवुड से दूरी बना ली थी। उनका कहना था कि आज के गानों में वह बात नहीं रही और महिलाओं के लिए गाने भी कम हो गए हैं।

एक युग का अंत

आशा भोसले का जाना सिर्फ एक कलाकार का जाना नहीं है, बल्कि एक पूरे युग का अंत है। उनकी आवाज हमेशा गूंजती रहेगी, लेकिन उनका यूं चले जाना फैंस के दिलों में हमेशा एक खालीपन छोड़ जाएगा।

Location :  Mumbai

Published :  12 April 2026, 1:24 PM IST