RIP Asha Bhosle: 10 साल की उम्र में रिकॉर्डिंग, 12 हजार गाने और गिनीज रिकॉर्ड

दिग्गज गायिका आशा भोसले की आवाज़ सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि एक युग की पहचान बन चुकी है। बचपन से लेकर आज तक, उनके करियर की कहानी प्रेरणादायक और शानदार रही है। इस खबर में उनके करियर की शुरुआत, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और हिट गानों की कहानी जानिए।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 April 2026, 1:10 PM IST

Mumbai: अगर मुंबई की गलियों में आज भी किसी धुन की चोरी हो रही होती, तो शायद वो आवाज़ होती आशा भोसले की। हां, वही आवाज़ जिसने बीते दशकों में लाखों दिलों को चुराया, उन्हें दीवाना बनाया और कई फिल्मी सितारों के करियर का नक्शा ही बदल दिया। 10 साल की उम्र में पहला गाना रिकॉर्ड करना और फिर 20 भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गाने गाने की बात, किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। लेकिन यह कहानी सिर्फ चमक-दमक नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और समय के साथ खुद को बदलने की कला की कहानी है।

10 साल की उम्र में पहला रिकॉर्ड

आशा भोसले ने एक इंटरव्यू में खुद बताया कि उनका पहला गाना उन्होंने 10 साल की उम्र में रिकॉर्ड किया था। “मैं 10 साल की थी और यह 1943 की बात है। माइक के सामने खड़े होकर गाना मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं था। मुझे खुद नहीं पता था कि माइक क्या होता है और गाना कैसे रिकॉर्ड किया जाता है। मेरे पिताजी ने ही रिकॉर्डिंग करवाई थी। उस दिन मुझे महसूस हुआ कि मैं भी गा सकती हूं, बस दादी और दीदी की तरह। वही दिन मेरे करियर की शुरुआत साबित हुआ।”

उन्होंने आगे बताया कि फिल्म लाइन में टिकना कोई आसान काम नहीं था। सुबह 10 बजे स्टूडियो जाना, रात के 10 या 11 बजे घर लौटना और कभी-कभी सुबह 8 बजे तक इंतजार करना, यह सब उनकी जिंदगी का हिस्सा था।

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20 भाषाओं में गिनीज रिकॉर्ड

आशा भोसले की आवाज़ की ताकत सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने मराठी, पंजाबी, तमिल, असमिया, उर्दू, तेलुगु, बंगाली, गुजराती, नेपाली, मलयालम और यहां तक कि रशियन जैसी भाषाओं में भी अपनी आवाज़ दी। कुल मिलाकर 12 हजार से ज्यादा गाने उनके नाम हैं, जो उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दिलाते हैं। शास्त्रीय संगीत हो, कव्वाली, कैबरे या पॉप, हर शैली में उन्होंने अपना जादू दिखाया। उन्होंने कहा कि मैं हर नए जॉनर में हाथ आजमाती रही और यही मेरी ताकत रही। संगीत का मतलब मेरे लिए सिर्फ नोट्स नहीं, बल्कि भाव और आत्मा है।

हिट गानों की कहानी

आशा भोसले की आवाज़ ने कई फिल्मों को यादगार बनाया। ‘कारवॉ’ का ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘डॉन’ का ‘ये मेरा दिल’, ‘तीसरी मंजिल’ का ‘ओ हसीना जुल्फ़ों वाली’, ‘एक मुसाफिर एक हसीना’ का ‘मैं प्यार का राही हूं’, और ‘काश्मीर की कली’ के गाने- इन सबने दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली। हर गाने में उनके स्वर की मिठास और भाव की गहराई साफ़ सुनाई देती है। भारत सरकार ने भी उनके योगदान को सलाम किया। उन्हें ‘पद्म विभूषण’ और ‘दादासाहेब फाल्के’ जैसे बड़े सम्मान दिए गए। यह सिर्फ उनके करियर की सफलता का प्रमाण नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की दुनिया में उनका अमिट योगदान भी है।

बचपन से लेकर दिग्गज तक

आशा भोसले का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। एक छोटे शहर की लड़की जिसने 10 साल की उम्र में गाना शुरू किया, आज दुनिया के सामने भारत की संगीत की पहचान बन चुकी हैं। उनके गाने सिर्फ धुन नहीं, बल्कि भाव और जीवन की कहानी कहते हैं। उनका सफर यह सिखाता है कि असली कलाकार वही है जो समय के साथ बदलता है, नया सीखता है और हमेशा अपने हुनर को निखारता रहता है।

Location :  Mumbai

Published :  12 April 2026, 1:10 PM IST