कारगिल के 27 साल: सिर्फ गोलियां नहीं, सैनिकों के जज्बात बयां करती हैं बॉलीवुड की ये 5 फिल्में, आज ही देखें

कारगिल विजय दिवस के मौके पर जानिए बॉलीवुड की उन 5 फिल्मों के बारे में, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध और हमारे वीर जवानों की शहादत व मानवीय भावनाओं को बड़े पर्दे पर जीवंत किया। आइए ऐसे में बॉलीवुड की 5 ऐसी फिल्मों के बारे में जानते हैं जो कारगिल विजय दिवस पर बनी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 July 2026, 2:44 PM IST

Mumbai: हर साल 26 जुलाई को मनाया जाने वाला 'कारगिल विजय दिवस' 1999 में भारत माता के सपूतों द्वारा दुश्मनों को चटाए गए उस धूल की याद दिलाता है, जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता। कारगिल की बर्फीली चोटियों पर लड़ी गई जंग सिर्फ सैन्य रणनीति की नहीं, बल्कि अदम्य साहस और भारत माता के प्रति अमर प्रेम की कहानी थी।

इस ऐतिहासिक शौर्यगाथा को भारतीय सिनेमा ने भी बेहद खूबसूरती और भावुकता के साथ दर्शकों के दिलों तक पहुंचाया है। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आइए नज़र डालते हैं उन 5 फिल्मों पर, जिन्होंने इस जंग और सैनिकों के जज्बातों को पर्दे पर अमर कर दिया।

शेरशाह: प्रेम, कर्तव्य और ये दिल मांगे मोर की अमर कहानी

विष्णुवर्धन द्वारा निर्देशित 'शेरशाह' परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की जिंदगी पर बनी एक बेहद भावुक फिल्म है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी स्टारर यह फिल्म केवल युद्ध का रोमांच ही नहीं दिखाती, बल्कि इसमें कैप्टन बत्रा की बेहद खूबसूरत और अधूरी रोमांटिक प्रेम कहानी को भी पिरोया गया है। यह फिल्म दर्शाती है कि एक सैनिक के दिल में देश प्रेम के साथ-साथ अपने अपनों के प्रति कितना गहरा समर्पण होता है।

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गुंजन सक्सेना: बर्फीली ऊंचाइयों पर नारी शक्ति का परचम

जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म 'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' भारतीय वायुसेना की जांबाज महिला अधिकारी की सच्ची कहानी पर आधारित है। पुरुष-प्रधान क्षेत्र की रूढ़ियों को तोड़ते हुए गुंजन सक्सेना ने कारगिल युद्ध में घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने और रसद पहुँचाने का जोखिम भरा काम किया था। यह फिल्म साहस, देशभक्ति और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करती है।

लक्ष्य और एलओसी: कारगिल- भटके युवा से देशभक्त बनने और संपूर्ण रण का ताना-बाना

फरहान अख्तर की 'लक्ष्य' एक लापरवाह युवा (ऋतिक रोशन) के सेना अधिकारी बनने और कारगिल युद्ध में अपना लक्ष्य हासिल करने की प्रेरक यात्रा है। वहीं जेपी दत्ता की मल्टी-स्टारर फिल्म 'एलओसी: कारगिल' युद्ध के एक-एक मोर्चे को बेहद बारीकी और भव्यता से दर्शाती है, जिसमें कई वीरों के त्याग को श्रद्धांजलि दी गई है।

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टैंगो चार्ली: सैनिकों के जीवन का संघर्ष और अनकहा दर्द

मणि शंकर के निर्देशन में बनी 'टैंगो चार्ली' (बॉबी देओल) एक बीएसएफ जवान के नजरिए से युद्ध क्षेत्र की विभीषिका और जवानों की मानसिक-शारीरिक चुनौतियों को सामने लाती है, जो दर्शकों को सैनिकों के असल जीवन से जोड़ती है।

Location :  Mumbai

Published :  26 July 2026, 2:44 PM IST