Kaushambi News: 15 साल बाद आया हत्या का फैसला, भोला यादव हत्याकांड में दो आरोपियों को उम्रकैद

कौशाम्बी में 15 साल पुराने हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। मंझनपुर थाना क्षेत्र के कादिराबाद गांव में वर्ष 2011 में हुई भोला यादव की हत्या के मामले में अदालत ने चिरंगू जायसवाल उर्फ मनीष जायसवाल और सुरेश पासी को दोषी करार दिया। दोनों को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 September 2026, 4:18 PM IST

Kaushambi: कौशाम्बी में करीब 15 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2011 में मंझनपुर थाना क्षेत्र के कादिराबाद गांव में हुई भोला यादव की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने चिरंगू जायसवाल उर्फ मनीष जायसवाल और सुरेश पासी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

2011 में हुई थी भोला यादव की हत्या

पूरा मामला मंझनपुर थाना क्षेत्र के कादिराबाद गांव से जुड़ा है। अभियोजन के मुताबिक वर्ष 2011 में इसी गांव में भोला यादव की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने मामले में चिरंगू जायसवाल उर्फ मनीष जायसवाल और सुरेश पासी को आरोपी बनाया।

लंबे समय तक चली अदालत में सुनवाई

15 साल पुराने इस मामले में अदालत के सामने अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य और गवाह पेश किए। सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े गवाहों के बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कौशाम्बी ने मामले में फैसला सुनाया।

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दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास

अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसले के बाद करीब 15 साल पुराने इस मामले में कानूनी कार्रवाई का एक अहम चरण पूरा हो गया।

धारा 302 समेत अन्य धाराओं में फैसला

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत फैसला सुनाया। हत्या के मामले में धारा 302 के तहत दोष सिद्ध होने पर अदालत ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सोमेश्वर तिवारी ने पैरवी की।

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गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार

अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य पेश किए। अदालत ने इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी माना। इस मामले में वर्ष 2011 में हुई हत्या के बाद करीब 15 साल तक कानूनी प्रक्रिया चलती रही।

Location :  Kaushambi

Published :  11 September 2026, 4:18 PM IST