छाता शुगर मिल पर फिर गरमाया माहौल, तड़के प्रदर्शनकारियों को हटाने के बाद 30 गांवों में पंचायत; मिल की ओर बढ़े ग्रामीण

मथुरा के छाता में शुगर मिल चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन एक बार फिर गरमा गया है। करीब 40 दिन से धरना दे रहे पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों को तड़के पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। इसके विरोध में करीब 30 गांवों में पंचायत हुई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मिल की ओर पहुंचने लगे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 September 2026, 1:09 PM IST

Mathura: मथुरा के छाता में बंद पड़ी शुगर मिल को चालू कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को अचानक फिर गरमा गया। करीब 40 दिन से धरना दे रहे सेवानिवृत्त सैनिकों और ग्रामीणों को तड़के पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। जैसे ही यह खबर आसपास के गांवों में पहुंची, लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद करीब 30 गांवों में पंचायतें हुईं और बड़ी संख्या में ग्रामीण छाता शुगर मिल की ओर पहुंचने लगे। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती बढ़ा दी।

तड़के हुई कार्रवाई से भड़का आक्रोश

छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर पूर्व सैनिकों और किसानों का धरना कई सप्ताह से चल रहा था। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांग लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से जारी थी। सोमवार तड़के पुलिस की कार्रवाई में धरनास्थल खाली कराए जाने की जानकारी सामने आते ही आसपास के गांवों में इसका विरोध शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकाला जा सकता था तो प्रदर्शनकारियों को इस तरह हटाने की जरूरत क्यों पड़ी। यही सवाल धीरे-धीरे गांवों की बैठकों में चर्चा का विषय बन गया और देखते ही देखते आंदोलन का दायरा बढ़ता चला गया।

30 गांवों में हुई पंचायत

पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद आसपास के करीब 30 गांवों में पंचायतें बुलाई गईं। इन बैठकों में ग्रामीणों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद अलग-अलग गांवों से लोग छाता शुगर मिल की ओर पहुंचने लगे। सुबह से ही ग्रामीणों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। कुछ ही देर में मिल और उसके आसपास प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने लगी। इससे प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई।

मथुरा के CHC अधीक्षक के तबादले पर हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी! आखिर किस कानून के तहत DM ने लिया आदेश? मचा हड़कंप

किसानों की मांग- … पहले शुगर मिल चालू हो

आंदोलन कर रहे किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के लिए छाता शुगर मिल का दोबारा संचालन जरूरी है। हालिया प्रदर्शनों में किसानों ने एथेनॉल प्लांट के प्रस्ताव पर भी अपनी आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें छाता में एथेनॉल प्लांट के बजाय पहले पूरी क्षमता के साथ शुगर मिल चलती हुई चाहिए। उनका तर्क है कि आसपास के गन्ना किसानों को अपनी फसल के लिए स्थानीय स्तर पर मिल मिलने से बड़ी राहत मिलेगी।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ और आंदोलन के फिर तेज होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, एडीएम पंकज वर्मा, अमरेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मूल मांग पर अड़े रहे।

पुलिस और आंदोलनकारियों में हो चुका है टकराव

छाता शुगर मिल को लेकर चल रहे आंदोलन में इससे पहले भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन चुकी है। अगस्त के अंत में पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक की खबर सामने आई थी। इसके बाद सितंबर की शुरुआत में भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद बढ़ने की रिपोर्ट आई थी।

अयोध्या, काशी से लेकर मथुरा-वृंदावन तक; यूपी की आध्यात्मिक विरासत पर CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान

कई सप्ताह से चल रहा है आंदोलन

छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर पूर्व सैनिकों और किसानों का धरना अगस्त से जारी है। सितंबर में आंदोलन को अलग-अलग गांवों से लगातार समर्थन मिलता रहा है। कभी महिलाएं और बच्चे धरना स्थल पर पहुंचे तो कभी किसान ट्रैक्टरों के साथ मिल परिसर पहुंचे। 11 सितंबर को भी पूर्व सैनिकों और किसानों के धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।

मिल चालू होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। हालिया प्रदर्शन में किसानों ने मिल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की बात कही है। फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखना है। एक तरफ ग्रामीण शुगर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है।

Location :  Mathura

Published :  21 September 2026, 1:09 PM IST