
बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस पर हाईकोर्ट सख्त (Img: Google)
Allahabad: उत्तर प्रदेश में बाहुबलियों और प्रभावशाली लोगों को जारी शस्त्र लाइसेंस को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह, राजा भइया, धनंजय सिंह, सुशील सिंह, विनीत सिंह समेत 19 लोगों के शस्त्र लाइसेंस और उनकी आपराधिक कुंडली की रिपोर्ट तलब की है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने संत कबीर नगर निवासी जयशंकर की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने बाहुबलियों को मिली सरकारी सुरक्षा का पूरा ब्यौरा 26 मई तक पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने प्रदेश में बढ़ते गन कल्चर पर चिंता जताई है। शस्त्र लाइसेंस के आवंटन, नवीनीकरण और नियमों के पालन को लेकर मंडलवार जानकारी मांगी गई थी।
अपर मुख्य सचिव (गृह) और संयुक्त सचिव के हलफनामे में सामने आया कि प्रदेश में 10,08,953 शस्त्र लाइसेंस जारी हैं, जबकि 23,407 आवेदन लंबित हैं। 6,062 मामलों में दो या अधिक आपराधिक मुकदमों वाले व्यक्तियों को लाइसेंस दिए गए हैं। साथ ही 20,960 परिवारों के पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं। 1,738 अपीलें लंबित हैं।
कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों द्वारा दिए गए आंकड़े चौंकाने वाले हैं और हलफनामे से वह संतुष्ट नहीं है। कोर्ट का मानना है कि जानकारी में कई अहम तथ्य छिपे हो सकते हैं।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि जोनवार अपराधियों और प्रभावशाली व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच की जाए। इसमें यह भी देखा जाएगा कि इन्हें किस श्रेणी की सुरक्षा मिली है, कितने पुलिसकर्मी तैनात हैं और उनके पास कितने असलहे हैं।
कोर्ट ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और कमिश्नरों को निर्देश दिया है कि वे जानकारी देते समय लिखित अंडरटेकिंग दें कि कोई तथ्य छिपाया नहीं गया है। यदि जानकारी छिपाई गई तो संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
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कोर्ट ने कई जोन के बाहुबलियों और प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची भी तलब की है। इसमें नोएडा, मेरठ, आगरा, बरेली, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जोन के कई नाम शामिल हैं, जिनकी शस्त्र लाइसेंस और आपराधिक कुंडली की जांच की जाएगी।
Location : Allahabad
Published : 22 May 2026, 12:12 PM IST