UP Cyber Fraud: पेंशन प्लान के नाम पर ठगी, एक क्लिक में खाते से उड़ गई लाखों की रकम

पेंशन योजना के नाम पर आए एक ऑफर ने बड़ा साइबर जाल बिछा दिया। एक साधारण क्लिक के बाद जो हुआ, उसने ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। जानें कैसे रहे ऐसे ठगों से सावधान।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 June 2026, 1:57 PM IST

Agra: साइबर ठगों ने एक बार फिर नया तरीका अपनाकर बैंक ग्राहक को लाखों रुपये की चपत लगा दी। इस बार ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर 'पेंशन प्लान' का लालच दिया और एक ऐसी एपीके फाइल भेजी, जिस पर क्लिक करना पीड़ित को भारी पड़ गया। देखते ही देखते खाते में जमा बड़ी रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गई और पीड़ित को ठगी का एहसास तब हुआ, जब बैंक बैलेंस खाली नजर आया।

बैंक अधिकारी बनकर किया संपर्क

प्रतापनगर स्थित माधवकुंज निवासी किशनपाल खेत्रपाल के मुताबिक 14 जून को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी बैंक का अधिकारी बताया और एक आकर्षक पेंशन योजना की जानकारी देने लगा। बातचीत के दौरान उसने पेंशन प्लान से जुड़ी जानकारी देखने के लिए एक फाइल भेजी।

एक क्लिक और मोबाइल डिवाइस हैक

पीड़ित ने भेजी गई फाइल को खोलकर देखा, लेकिन उसमें कोई योजना संबंधी जानकारी नहीं थी। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते में जमा फिक्स डिपॉजिट की बड़ी रकम किसी अन्य खाते में ट्रांसफर हो चुकी है। शुरुआती जांच में सामने आया कि भेजी गई फाइल एक एपीके फाइल थी, जिसके जरिए मोबाइल डिवाइस को हैक कर लिया गया।

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जांच में जुटी साइबर पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर अधिकारियों के अनुसार जिस मोबाइल नंबर से कॉल की गई और जिन खातों में धनराशि ट्रांसफर हुई, उनकी जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

क्या है APK फाइल और क्यों है खतरनाक?

दरअसल, APK (Android Package Kit) एंड्रॉयड फोन में ऐप इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है। ठग इसी फाइल के जरिए मोबाइल में छिपा हुआ मैलवेयर इंस्टॉल कर देते हैं। इसके बाद मोबाइल के मैसेज, ओटीपी, कॉल डिटेल और बैंकिंग ऐप तक की पहुंच अपराधियों को मिल सकती है। कई मामलों में स्क्रीन रिकॉर्डिंग और रिमोट कंट्रोल के जरिए पूरा फोन उनके कब्जे में चला जाता है।

ऐसे रहें साइबर ठगी से सुरक्षित

साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान नंबर से आई APK फाइल या लिंक पर क्लिक करने से बचें। केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें। यदि कोई ऐप अनावश्यक अनुमति मांगता है तो उसे तुरंत हटाएं। मोबाइल की सुरक्षा सेटिंग्स अपडेट रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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एक छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। एक क्लिक की लापरवाही आपकी वर्षों की मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है।

Location :  Agra

Published :  19 June 2026, 1:57 PM IST