वीडियो, ऑडियो और बैंक ट्रांजैक्शन के सबूत होने का दावा, क्या घूसखोरी के इस चक्रव्यूह से बच पाएंगे जिला आबकारी अधिकारी?

महाराजगंज के जिला आबकारी अधिकारी अतुल चंद द्विवेदी पर 22 लाख रुपये की घूस मांगने और बैंक से 8 लाख रुपये ट्रांसफर कराने के आरोपों के बाद विभाग बैकफुट पर है। खबर के असर से पीड़ित दुकानदार की रोकी गई शराब निकासी दोबारा शुरू करने की तैयारी है, जबकि पीड़ित ने आरोपी बैंक खाता होल्ड करने की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 July 2026, 7:16 PM IST

Maharajganj: आबकारी विभाग में कथित रिश्वतखोरी के मामले में डाइनामाइट न्यूज़ की लगातार प्रकाशित खबरों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। जिला आबकारी अधिकारी अतुल चंद द्विवेदी पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद विभाग बैकफुट पर नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिस शिकायतकर्ता संदीप विश्वकर्मा की देशी शराब दुकान के लिए गोदाम से माल की निकासी चार दिनों से रोक दी गई थी, अब उसे दोबारा शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।

रिश्वत मांगने का आरोप

कोल्हुई थाना क्षेत्र के जिग्निहा गांव निवासी एवं लाइसेंसी देशी शराब दुकान संचालक संदीप विश्वकर्मा ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में जिला आबकारी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, पहले दुकान संचालन के नाम पर प्रतिमाह 5 हजार रुपये की मांग की गई और बाद में लाखों रुपये की रकम मांगी जाती रही।

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संदीप का आरोप है कि 2 जून को जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन आबकारी इंस्पेक्टर दीपेंद्र त्रिपाठी उन्हें सरकारी वाहन से बहादुरी स्थित बैंक ले गए, जहां उनके खाते से मृणालिनी सिंह के खाते में 8 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह राशि अधिकारी के कहने पर भेजी गई थी।

14 लाख रुपये नकद मांगने का भी दावा

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिला आबकारी अधिकारी ने कार्यालय में बुलाकर 14 लाख रुपये नकद की मांग की थी। जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई गई तो कथित तौर पर बैंक के माध्यम से भुगतान कराने का दबाव बनाया गया। पूरे घटनाक्रम के वीडियो, ऑडियो और बैंक लेनदेन के दस्तावेज होने का दावा भी शिकायतकर्ता ने किया है।

खबर के बाद बदले आबकारी विभाग के तेवर

शिकायतकर्ता का आरोप था कि शिकायत करने के बाद उसकी देशी शराब दुकान के लिए गोदाम से माल की निकासी रोक दी गई, जिससे दुकान चार दिनों तक बंद रही और आर्थिक नुकसान हुआ। हालांकि डाइनामाइट न्यूज़ द्वारा मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब विभाग निकासी दोबारा शुरू कराने की तैयारी में जुटा हुआ है। इससे माना जा रहा है कि लगातार सामने आ रहे तथ्यों और बढ़ते दबाव के बीच विभाग अपनी स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है।

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बैंक में खाते को होल्ड कराने का आवेदन

इसी बीच गुरुवार को शिकायतकर्ता संदीप ने संबंधित बैंक शाखा में लिखित आवेदन देकर मृणालिनी सिंह के खाते को होल्ड करने की मांग की। उनका कहना है कि 8 लाख रुपये का ट्रांसफर गलत परिस्थितियों में कराया गया था, इसलिए जांच पूरी होने तक खाते से किसी भी प्रकार का लेनदेन रोका जाए।

जांच पर टिकी निगाहें

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, जिला आबकारी अधिकारी अतुल चंद द्विवेदी पहले ही आरोपों को निराधार बता चुके हैं, जबकि तत्कालीन आबकारी इंस्पेक्टर दीपेंद्र त्रिपाठी ने अपना पक्ष बाद में रखने की बात कही है।

Location :  Maharajganj

Published :  16 July 2026, 7:16 PM IST