गोरखपुर फर्जी पुलिसकर्मी और अधिवक्ता बनकर वीडियो वायरल करने वाले दो गिरफ्तार, शाहपुर पुलिस की जांच में खुलासा

गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र में पुलिसकर्मी और अधिवक्ता के बीच विवाद का फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 28 September 2026, 7:34 PM IST

Gorakhpur: उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जिले के थाना शाहपुर क्षेत्र में पुलिसकर्मी और अधिवक्ता के बीच विवाद का फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा पुलिसकर्मी और अधिवक्ता दोनों ही वास्तविक नहीं थे। सोशल मीडिया पर वीडियो को प्रसारित कर पुलिस तथा अधिवक्ता की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया था।

पुलिस के अनुसार, शाहपुर क्षेत्र से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में एक व्यक्ति पुलिसकर्मी की वर्दी में और दूसरा व्यक्ति अधिवक्ता के रूप में दिखाई दे रहा था। दोनों के बीच विवाद का दृश्य दिखाते हुए वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू की।

ये भी पढ़ें: Fatehpur Blast: पलक झपकते ही ढह गया दो मंजिला मकान, तीन लोगों ने दी मौत को मात; फतेहपुर हादसे की पूरी कहानी

जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति पुलिस विभाग में कार्यरत नहीं है और न ही दूसरा व्यक्ति वास्तविक अधिवक्ता है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिखाया गया विवाद भी वास्तविक घटना नहीं था। केवल सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने और वीडियो को वायरल करने के उद्देश्य से पूरा घटनाक्रम तैयार किया गया था। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए वीडियो बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने केस दर्ज किया

मामले में थाना शाहपुर में मु0अ0सं0 463/2026, धारा 205 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रिन्स शर्मा पुत्र भगवानदास शर्मा निवासी राप्तीनगर फेज-1, थाना शाहपुर और मुकेश कुमार पुत्र स्वर्गीय राजाराम निवासी उत्तरटोला, थाना शाहपुर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर किसी वीडियो को सत्यापन के बिना प्रसारित करने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था की छवि प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा वीडियो के स्रोत और उसकी वास्तविकता की जांच के बाद ही कार्रवाई की जा रही है।

ये भी पढ़ें: प्रतापगढ़ में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, पुतला फूंककर की ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, डीएम को सौंपा 9 सूत्रीय ज्ञापन

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक चन्द्रभान सिंह, कांस्टेबल विनय कुमार यादव और कांस्टेबल मिथिलेश सिंह शामिल रहे। पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि किसी भी विवादित या संदिग्ध वीडियो को बिना सत्यापन के आगे प्रसारित न करें।

Location :  गोरखपुर

Published :  28 September 2026, 7:34 PM IST