Sultanpur: “प्रॉपर्टी में निवेश से होगी मोटी कमाई”के झांसे में हुई करोड़ों की ठगी, साइन सिटी मामले का आरोपी गिरफ्तार

जमीन और प्लॉट में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक अहम सदस्य को एसटीएफ ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 June 2026, 3:04 PM IST

Sultanpur: उत्तर प्रदेश एसटीएफ को जमीन और प्लॉट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। साइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़े मामले में लंबे समय से फरार चल रहे और एक लाख रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद शमशाद अंसारी उर्फ गुड्डू को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ जनपद सुलतानपुर के कोतवाली नगर थाने में दर्ज कई गंभीर मामलों में तलाश की जा रही थी। उसकी गिरफ्तारी को इस बहुचर्चित ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

जीटी रोड के किनारे दबोचा गया आरोपी

एसटीएफ के अनुसार 24 जून 2026 को विशेष अभियान के दौरान अयोध्या फील्ड यूनिट को सूचना मिली कि वांछित आरोपी प्रयागराज जिले के उतरांव क्षेत्र में जीटी रोड के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल के पर्यवेक्षण में कार्य कर रही टीम सक्रिय हुई। उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी संतोष सिंह, रजनीश सिंह, नीरज सिंह और कमांडो राज कुमार की टीम ने मौके पर पहुंचकर रात करीब 9:40 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद शमशाद अंसारी पुत्र अब्दुल वाहिद निवासी एलआईजी एलडीए कॉलोनी, स्टेनली रोड, नया पुरवा, कमलानगर, थाना शिवकुटी, प्रयागराज के रूप में हुई है।

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पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2001 में वह और आसिफ नसीम मर्चेंट नेवी में साथ काम करते थे। कुछ वर्षों बाद आसिफ नसीम ने नौकरी छोड़ दी, लेकिन दोनों के बीच संपर्क बना रहा। आरोपी के अनुसार वर्ष 2014 में आसिफ नसीम ने उसे ज्यादा कमाई का लालच देकर प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ने के लिए बुलाया। इसके बाद वह साइन सिटी प्रोक्सिमा कंपनी से जुड़ गया और सुलतानपुर जिले में सहायक निदेशक के पद पर काम करने लगा।

उसने बताया कि कंपनी के कारोबार के दौरान उसे अच्छा आर्थिक लाभ मिला, लेकिन बाद में कंपनी विवादों में घिर गई और निवेशकों की शिकायतों के बाद उसके खिलाफ भी मुकदमे दर्ज हो गए।

गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलता रहा ठिकाने

पूछताछ में शमशाद अंसारी ने यह भी स्वीकार किया कि पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था और अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था। इसी वजह से वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा। उसके खिलाफ सुलतानपुर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज हैं मुकदमे

एसटीएफ के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली नगर, सुलतानपुर में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता की पूर्व आईपीसी धाराओं 409, 420, 467, 468, 471, 427 और 120बी के तहत आरोप लगाए गए हैं। मुकदमा संख्या 264/2022, 265/2022 और 266/2022 में आरोपी वांछित चल रहा था। इन मामलों में निवेशकों को जमीन और प्लॉट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी का आरोप है।

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आगे की कार्रवाई शुरू

एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपी को थाना कोतवाली नगर, सुलतानपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 264/2022 में दाखिल कर दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान ठगी के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

Location :  Sultanpur

Published :  25 June 2026, 3:04 PM IST