
आयुष मलिक धर्म परिवर्तन केस में छह सोशल मीडिया हैंडल पर FIR (Img: X)
Shamli: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में आयुष मलिक के धर्म परिवर्तन और अंतरधार्मिक विवाह से जुड़े मामले में सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने के आरोप में पुलिस ने छह सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, इन अकाउंट्स से यह जानकारी प्रसारित की गई कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में शामली पुलिस को फटकार लगाई है, जबकि पुलिस का कहना है कि अदालत ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था।
पुलिस के अनुसार, एक्स पर @Karishma Aziz, Nikhat Ali (@INikhatAli), The Muslim (@TheMuslimSphere), Wasim Akram Tyagi (@WasimAkramTyagi) और Syed Kaif Hasan (@kaifsyedhasan) के अलावा फेसबुक पर Nadeem Saii नाम के अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट को भ्रामक बताते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
लॉरेंस बिश्नोई की बीवी गिरफ्तार, जानें कौन है बिंदू देवी? शामली के अंकित बालियान से जुड़ा मामला
दरअसल, आयुष मलिक के दोस्त सुल्तान की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि धर्म परिवर्तन और चांदनी कुरैशी से शादी के बाद आयुष को उसके पिता की ओर से कथित तौर पर रोककर रखा गया है। 9 सितंबर को अदालत ने आयुष को 16 सितंबर को पेश करने का निर्देश दिया था।
16 सितंबर को आयुष को अदालत के सामने पेश किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, आयुष ने अदालत में कहा कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया और चांदनी कुरैशी से शादी की। अदालत ने सुनवाई के बाद कहा कि एक बालिग व्यक्ति अपने धर्म, रहने की जगह और जीवनसाथी के संबंध में स्वयं निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। इसके बाद बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निस्तारण कर दिया गया।
आयुष के पिता और दवा व्यवसायी देवराज सिंह मलिक ने अपने बेटे के धर्म परिवर्तन को लेकर अलग दावा किया था। उनका आरोप था कि आयुष का ब्रेनवॉश किया गया और उसने अपनी स्वतंत्र इच्छा से धर्म नहीं बदला। इसी विवाद के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत के आधार पर चांदनी कुरैशी और उसके परिजनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम समेत BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद सोशल मीडिया पर मामले से संबंधित अलग-अलग दावे सामने आए। शामली पुलिस का कहना है कि अदालत ने पुलिस को फटकार नहीं लगाई थी और इस संबंध में गलत सूचना प्रसारित की गई। इसी आधार पर छह सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचने की अपील की है।
Location : Shamli
Published : 17 September 2026, 2:46 PM IST
Topics : Allahabad High Court Ayush Malik Case Religious conversion Case Shamli News Social Media FIR