‘फर्जी’ वेब सीरीज देखकर छापने लगे नकली नोट! 5 राज्यों तक फैला नेटवर्क, मास्टरमाइंड 1300 KM दूर से गिरफ्तार

वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखने के बाद नकली नोट बनाने का विचार आया और राजस्थान में एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हो गया। डूंगरपुर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 4.95 लाख रुपये की जाली मुद्रा बरामद की है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 24 October 2026, 6:45 PM IST

Dungarpur: राजस्थान के डूंगरपुर में नकली नोट बनाने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित होकर कुछ युवाओं ने कथित तौर पर जाली भारतीय मुद्रा तैयार करने का काम शुरू किया। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 4.95 लाख रुपये की नकली मुद्रा बरामद हुई है।

कैसे खुला नकली नोटों का राज?

डूंगरपुर पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 29 सितंबर को हुई थी। पुलिस ने माडा स्कूल ग्राउंड से भावेश खटीक और नयन जोशी को कथित तौर पर 4,95,500 रुपये की जाली मुद्रा के साथ गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की।

पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में ‘ऑपरेशन नोटफ्लिक्स’ चलाया गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि गिरोह के तार राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ तक जुड़े हुए थे।

नकली नोट छापने का भंडाफोड़ (Img: Dynamite News)

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वेब सीरीज से आया नकली नोट बनाने का विचार?

पुलिस की जांच में हरियाणा के अंबाला निवासी आनंद राजपूत की भूमिका सामने आई। आरोप है कि वह वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित हुआ और उसने नकली नोट तैयार करने का विचार विकसित किया। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने डिजिटल फाइलों और विशेष कागज का इस्तेमाल किया। इनसे जुड़ी सामग्री हासिल करने के लिए ऑनलाइन माध्यमों का सहारा लिया गया।

1300 किलोमीटर दूर पंजाब में पकड़ा गया मास्टरमाइंड

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रवि कुमार मिश्रा को कार्रवाई की भनक लग गई थी। इसके बाद वह फरार हो गया और लगातार अपने ठिकाने तथा मोबाइल नंबर बदलने लगा। साइबर सेल और विशेष टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर उसका पता लगाया। आखिरकार उसे करीब 1,300 किलोमीटर दूर पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

टेलीग्राम और डिजिटल फाइलों की भी जांच

पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कानपुर से मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार किया गया। उस पर टेलीग्राम के ‘अंकित पेपर सेलर’ चैनल के जरिए कागज उपलब्ध कराने का आरोप है। वहीं, छत्तीसगढ़ के दुर्ग से तरुण मालेकर को पकड़ा गया। उस पर 500 रुपये के नोट से जुड़ी डिजिटल फाइल उपलब्ध कराने का आरोप है।

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इस मामले में रवि कुमार मिश्रा, आनंद राजपूत, मोहम्मद आरिफ, तरुण मालेकर, भावेश खटीक और नयन जोशी को गिरफ्तार किया गया है।

अब पुलिस के सामने क्या हैं बड़े सवाल?

पुलिस की जांच अभी जारी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने कुल कितनी जाली मुद्रा तैयार की, उसे किन इलाकों में पहुंचाया गया और इस नेटवर्क से अन्य कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

Location :  Dungarpur

Published :  24 October 2026, 6:45 PM IST