50 हजार रुपये लेते ही पहुंच गई CBI टीम, प्रयागराज DRM ऑफिस में APO और कार्यालय अधीक्षक गिरफ्तार

प्रयागराज के DRM ऑफिस में बृहस्पतिवार देर शाम CBI की कार्रवाई से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। एक APO और कार्यालय अधीक्षक को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने की बात सामने आई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 September 2026, 12:32 PM IST

Prayagraj: प्रयागराज में रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय यानी DRM ऑफिस में बृहस्पतिवार देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने अचानक कार्रवाई की। टीम ने एक सहायक कार्मिक अधिकारी (APO) और कार्यालय अधीक्षक को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई की खबर फैलते ही रेलवे कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बीच भी हलचल बढ़ गई। बताया जा रहा है कि मामला एक लोको पायलट के स्थानांतरण से जुड़ा है। शिकायत के बाद CBI ने जाल बिछाकर दोनों कर्मचारियों को पकड़ने की कार्रवाई की।

ट्रांसफर को लेकर परेशान करने का आरोप

सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज मंडल के कानपुर क्षेत्र में तैनात एक लोको पायलट के स्थानांतरण से जुड़ा मामला काफी समय से चल रहा था। आरोप है कि इसी मामले में APO और कार्यालय अधीक्षक कथित तौर पर लोको पायलट पर दबाव बना रहे थे और उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था।

इसी दौरान दोनों पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा। परेशान लोको पायलट ने कथित तौर पर इसकी शिकायत CBI से की। शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने मामले की पुष्टि के लिए कार्रवाई की योजना बनाई।

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पैसे लेकर DRM ऑफिस पहुंचा शिकायतकर्ता

बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार शाम शिकायतकर्ता तय रकम लेकर प्रयागराज मंडल कार्यालय पहुंचा। वहां उसकी मुलाकात संबंधित APO और कार्यालय अधीक्षक से हुई। आरोप है कि जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम दोनों को सौंपी, पहले से मौके पर तैनात CBI टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला।

कार्यालय में दस्तावेजों की भी जांच

दोनों कर्मचारियों को पकड़ने के बाद CBI टीम ने DRM कार्यालय में आगे की जांच भी की। इस दौरान कुछ दस्तावेजों को टीम द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी रिश्वत से जुड़े आरोपों के साथ-साथ पूरे मामले में उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जांच के दौरान टीम को कौन-कौन से दस्तावेज मिले और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी।

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रेलवे ने कहा- आधिकारिक जानकारी अभी नहीं मिली

उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि CBI की कार्रवाई की सूचना उन्हें मिली है, लेकिन फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह जानकारी उपलब्ध नहीं है कि किन कर्मचारियों को पकड़ा गया और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

दूसरी ओर, यह भी बताया जा रहा है कि रेलवे के अधिकारियों ने उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह को मामले की जानकारी दे दी है। फिलहाल CBI की कार्रवाई के बाद रेलवे महकमे में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Location :  Prayagraj

Published :  11 September 2026, 12:32 PM IST