जिस बेटी को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी की जिंदा निकाली अर्थी! प्रेमी संग जाने पर परिवार ने पुतले का किया दाह-संस्कार

प्रतापगढ़ के जेठवारा थाना क्षेत्र के आशापुर गांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा अनोखा मामला सामने आया है। एक बालिग युवती के प्रेमी के साथ जाने और परिवार के साथ लौटने से इनकार करने के बाद परिजनों ने कथित तौर पर उसे मृत मान लिया। उसकी तस्वीर लगे पुतले की अंतिम यात्रा निकालकर दाह-संस्कार किया गया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 27 September 2026, 9:27 PM IST
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Pratapgarh: प्रतापगढ़ में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। जेठवारा थाना क्षेत्र के आशापुर गांव में एक बालिग युवती के प्रेमी के साथ जाने और परिवार के साथ लौटने से इनकार करने के बाद परिजनों ने कथित तौर पर उससे सारे रिश्ते खत्म कर लिए। इतना ही नहीं, परिवार ने युवती को अपने लिए ‘मृत’ मानते हुए उसकी तस्वीर लगा एक पुतला तैयार किया और बाकायदा उसकी अंतिम यात्रा निकाली। इसके बाद श्मशान घाट पर पुतले का दाह-संस्कार भी किया गया।

प्रेमी के साथ घर से चली गई थी युवती

मिली जानकारी के मुताबिक, आशापुर गांव की रहने वाली नेहा पटेल का गांव के ही प्रमोद मौर्य के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। कुछ दिन पहले दोनों घर से चले गए थे। बेटी के अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने जेठवारा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में प्रमोद मौर्य पर युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों को तलाश कर थाने लाया।

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माता-पिता के साथ जाने से किया इनकार

बताया जा रहा है कि थाने में युवती ने खुद को बालिग बताया और अपने माता-पिता के साथ जाने से इनकार कर दिया। उसने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी मर्जी से प्रमोद के साथ गई थी और अब उसके पति व ससुराल पक्ष को परेशान न किया जाए। युवती के इस रुख के बाद मामला पूरी तरह बदल गया। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के बजाय अब युवती की इच्छा और उसकी उम्र से जुड़ा पक्ष सामने था। इसके बाद उसे उसकी इच्छा के अनुसार जाने दिया गया।

तस्वीर लगाकर बनाया पुतला

घर लौटने के बाद परिवार ने युवती की तस्वीर लगाकर एक पुतला तैयार किया। इसके बाद गांव में उस पुतले की अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा के दौरान धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार नारे लगाए गए और पुतले को श्मशान घाट तक ले जाया गया। श्मशान घाट पहुंचने के बाद पुतले का दाह-संस्कार भी किया गया। इस दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। जीवित बेटी को मृत मानकर उसकी तस्वीर लगे पुतले का अंतिम संस्कार किए जाने की बात सामने आने के बाद इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बन गई।

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अब तेरहवीं की तैयारी की चर्चा

परिजनों की ओर से युवती को मृत मानने के बाद अब उसकी तेरहवीं या मृत्यु भोज की तैयारी किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में परिवार की ओर से आधिकारिक तौर पर क्या तैयारी की जा रही है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना ने प्रेम विवाह, परिवार की नाराजगी और सामाजिक दबाव से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है। एक तरफ बालिग युवती ने अपनी पसंद से जीवनसाथी के साथ रहने का फैसला बताया, वहीं दूसरी तरफ परिवार ने इस फैसले को स्वीकार करने के बजाय उससे रिश्ते खत्म करने का कदम उठाया।

Location :  Pratapgarh

Published :  27 September 2026, 9:27 PM IST

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