कपसाड़ में पुलिस का लॉकडाउन मॉडल: आधार कार्ड दिखाओ गांव में एंट्री पाओ, गाड़ी से MLA का स्टीकर हटाया, Video

मेरठ के कपसाड़ गांव में अपहरण और हत्या के हाई-प्रोफाइल मामले के बाद पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। गांव में प्रवेश के लिए आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है और सभी बॉर्डर सील हैं। हालात काबू में रखने के लिए गांव को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 January 2026, 3:47 PM IST

Meerut: मेरठ के कपसाड़ गांव में हुए अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले के बाद पुलिस प्रशासन ने अभूतपूर्व सख्ती दिखाई है। हालात इतने संवेदनशील हो गए हैं कि गांव को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। कपसाड़ के चारों ओर बॉर्डर सील हैं और गांव में प्रवेश करने से पहले हर व्यक्ति की पहचान जांची जा रही है। बिना आधार कार्ड या वैध पहचान पत्र के किसी को भी गांव में दाखिल नहीं होने दिया जा रहा।

गांव में फिर भी तनाव

इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी पारस सोम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं अपहृत युवती रूबी को काउंसलिंग सेंटर भेजा गया है, जहां उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग की जा रही है। इसके बावजूद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना या राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

गांव की हर सीमा सील

कपसाड़ गांव के सभी प्रवेश मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अटेरना, सलावा और आसपास के सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस हर आने-जाने वाले वाहन को रोककर तलाशी ले रही है। गाड़ियों की डिक्की से लेकर अंदर बैठे लोगों की पहचान तक की जांच की जा रही है। गांव में प्रवेश से पहले लोगों से साफ कहा जा रहा है- पहचान दिखाओ, तभी एंट्री मिलेगी।

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MLA का स्टीकर भी नहीं दिला सका एंट्री

पुलिस की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अटेरना पुलिस चौक चेकप्वाइंट पर एक गाड़ी को रोका गया, जिस पर विधायक (MLA) का स्टीकर लगा हुआ था। गाड़ी के अंदर किसान टोपी और पुलिस की कैप भी मिली। इसके बावजूद पुलिस ने गाड़ी को गांव में जाने की अनुमति नहीं दी। पूरी गाड़ी की तलाशी ली गई और मौके पर ही MLA का स्टीकर उतरवा दिया गया। गाड़ी में सवार तीनों लोगों को रोककर कड़ी पूछताछ की गई।

पुलिस का ‘लॉकडाउन मॉडल’ लागू

पिछले तीन दिनों से कपसाड़ गांव में पुलिस का एक तरह से ‘लॉकडाउन मॉडल’ लागू है। गांव के एंट्री पॉइंट पर बैरिकेडिंग, पहचान पत्र जांच और पूछताछ लगातार जारी है। थाना प्रभारी से लेकर जिला प्रशासन के आला अधिकारी तक मौके पर सक्रिय हैं। एसएसपी, डीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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ग्रामीणों की आवाजाही पर भी पैनी नजर

पुलिस की सख्ती सिर्फ बाहरी लोगों तक सीमित नहीं है। गांव के भीतर रहने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। कौन बाहर जा रहा है और कौन गांव में लौट रहा है, इसकी पूरी जानकारी रखी जा रही है। प्रशासन का मकसद है कि किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ बयान या वीडियो सोशल मीडिया पर न फैल सके।

कैमरे और मोबाइल दोनों पर प्रशासन की नजर

कपसाड़ गांव के भीतर सुरक्षा कैमरों के साथ-साथ बाहर मोबाइल फोन के जरिए रिकॉर्ड होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन नहीं चाहते कि कोई गलत या भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो, जिससे माहौल और बिगड़े। इसी वजह से मीडिया और राजनीतिक दलों की एंट्री पर भी फिलहाल रोक लगाई गई है।

क्या है पूरा मामला

पूरा मामला बृहस्पतिवार सुबह का है। कपसाड़ गांव की रहने वाली सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। इसी दौरान गांव का ही पारस सोम अपने साथियों के साथ कार में वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने रूबी को जबरदस्ती कार में बैठाने की कोशिश की। सुनीता ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर फरसे से हमला कर दिया।

Location : 
  • Meerut

Published : 
  • 12 January 2026, 3:47 PM IST