Kaushambi News: एसडीएम के डिजिटल सिग्नेचर से आदेश जारी, जांच में सामने आया मामला; पेशकार गिरफ्तार

कौशांबी की मंझनपुर तहसील में एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर आदेश जारी किए जाने के मामले में पुलिस ने पेशकार कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया है। मामला करीब तीन महीने पुराना बताया जा रहा है। प्रकरण की विस्तृत जांच एडीएम शालिनी प्रभाकर को सौंपी गई है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 10 September 2026, 2:12 PM IST

Kaushambi: कौशांबी की मंझनपुर तहसील में एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर के इस्तेमाल से आदेश जारी किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले में पुलिस ने एसडीएम के पेशकार कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह मामला करीब तीन महीने पुराना है और पश्चिमशरीरा क्षेत्र से जुड़े एक भूमि विवाद के प्रकरण से संबंधित है।

डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हुआ आदेश

जानकारी के मुताबिक पश्चिमशरीरा क्षेत्र से जुड़े अंसार बनाम राज्य सरकार प्रकरण में तलबी और भूमिधारी जमीन से संबंधित आदेश एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया गया था। इसी आदेश को लेकर मामला सामने आया और जांच शुरू हुई। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि संबंधित आदेश किन परिस्थितियों में तैयार किया गया और उसे जारी करने के लिए एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल किस प्रक्रिया के तहत हुआ।

रूह कंपा देने वाली दबंगई! कौशांबी के पेट्रोल पंप पर सरेआम थप्पड़ों की बरसात और रॉड से हमले की खौफनाक वारदात

एडीएम को सौंपी गई जांच

प्रकरण की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी एडीएम शालिनी प्रभाकर को सौंपी गई है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संबंधित आदेश कैसे तैयार हुआ, उसे किस स्तर पर आगे बढ़ाया गया और एसडीएम के डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल किस तरह किया गया। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रशासन यह भी देख रहा है कि आदेश जारी करने की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी

‘पहले चाहिए इंसाफ, फिर होगा पोस्टमार्टम’; युवक की मौत पर परिवार का हंगामा, कौशांबी पुलिस पर उठे सवाल

फिलहाल पुलिस ने पेशकार कमलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और प्रशासनिक स्तर पर भी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मामला करीब तीन महीने पुराना होने के कारण जांच में उस दौरान तैयार किए गए दस्तावेजों और आदेश जारी करने की प्रक्रिया को भी देखा जा रहा है। अब सभी की नजर एडीएम की जांच रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर इस पूरे प्रकरण में आगे की कार्रवाई तय होगी।

Location :  Kaushambi

Published :  10 September 2026, 2:12 PM IST