
निजी नर्सिंग होम पर लापरवाही का आरोप (IMG: Dynamite News)
Deoria: देवरिया के एक निजी नर्सिंग होम में प्रसव के लिए भर्ती प्रसूता के ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत का मामला सामने आया है। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के सोनदा मोहल्ले में स्थित सावित्री नर्सिंग होम की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि 28 अगस्त 2026 को ऑपरेशन के दौरान टांका लगाने के समय पता चला कि नवजात की मौत हो चुकी है। वहीं प्रसूता की हालत भी गंभीर बनी हुई है। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लेकर रवाना हो गए। घटना के बाद परिवार में आक्रोश है और उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया है।
परिजनों के मुताबिक, प्रसव के लिए महिला को सावित्री नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। 28 अगस्त को उसका ऑपरेशन किया गया। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान टांका लगाने के समय उन्हें बताया गया कि नवजात की मौत हो चुकी है। इसके बाद प्रसूता की हालत को लेकर भी परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों का कहना है कि उपचार के बावजूद महिला की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने के बाद परिवार ने उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाने का फैसला किया।
परिजनों का कहना है कि प्रसूता की हालत बिगड़ने के बाद उन्होंने चिकित्सक डॉ. अशोक राय से फोन पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान उन्होंने चिकित्सक को बताया कि ऑपरेशन के दौरान उनका बच्चा मृत हो गया है और उनकी पत्नी की हालत भी ठीक नहीं है। परिजनों के अनुसार, उन्होंने मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर करने और सदर कोतवाली में तहरीर देने की बात भी कही।
आरोप है कि शिकायत करने की बात पर चिकित्सक की ओर से कथित तौर पर कहा गया, “जाओ, जो कुछ करना है करो।” हालांकि, इस कथित बातचीत और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। चिकित्सक डॉ. अशोक राय या सावित्री नर्सिंग होम प्रबंधन की ओर से भी इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
नवजात की मौत और प्रसूता की गंभीर हालत को लेकर परिजन कई सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि वे प्रसव के लिए महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे थे और उन्हें उम्मीद थी कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहेंगे। लेकिन ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत हो गई और प्रसूता की हालत भी गंभीर हो गई।
परिवार अब यह जानना चाहता है कि आखिर ऑपरेशन के दौरान ऐसा क्या हुआ कि नवजात की जान चली गई? क्या ऑपरेशन से पहले महिला और गर्भस्थ शिशु की स्थिति की पर्याप्त जांच की गई थी? क्या ऑपरेशन के दौरान सभी जरूरी चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन हुआ? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
देवरिया में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में इलाज को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इस मामले ने एक बार फिर निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज कर दी है। खासकर प्रसव और ऑपरेशन जैसे संवेदनशील मामलों में मरीज की स्थिति पर लगातार निगरानी, प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में यदि किसी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगता है तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।
प्रसूता की हालत में सुधार नहीं होने के बाद परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। अब परिवार की प्राथमिक चिंता महिला की जान बचाना है। वहीं नवजात की मौत के मामले में भी परिजन जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने इलाज को लेकर चिकित्सक से शिकायत की बात कही, लेकिन उन्हें कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी वजह से परिवार में नाराजगी और बढ़ गई।
Location : Deoria
Published : 7 September 2026, 1:33 PM IST